जागरण संवाददाता, उन्नाव: कानपुर की पूर्व महिला क्रिकेटर नीतू डेविड के घर गृह प्रवेश में जा रही उसकी बहन और भतीजी समेत इंडिगो कार चालक शुक्रवार सुबह लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सड़क हादसे का शिकार हो गए। तेज रफ्तार स्कार्पियो का टायर पंचर होने से वह डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी दिशा में जाकर इंडिगो कार पर चढ़ गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि जिला अस्पताल पहुंचते-पहुंचते इंडिगो कार सवार मां-बेटी और चालक की मौत हो गई। पूर्व क्रिकेटर के बहनोई और एक अन्य भतीजी को भी गंभीर चोट आई। डाक्टर ने मृतका की बड़ी बेटी को कानपुर रेफर कर दिया। हादसे के बाद स्कार्पियो सवार भाग निकले।

कानपुर के श्याम नगर में रहने वाली पूर्व टेस्ट क्रिकेटर नीतू डेविड को शुक्रवार को गृह प्रवेश करना था। जिसमें शामिल होने के लिए उनकी बहन विनीता दास शुक्रवार को पति हैनरी दास, 13 वर्षीय बेटी शैला दास और 11 साल की लीजा दास के साथ अपने निवास लखनऊ सीतापुर रोड स्थित आईआईएम कैंपस से कानपुर के लिए अपनी इंडिगो कार से निकलीं। कार लखनऊ के बख्शी तालाब निवासी चालक नरेंद्र उर्फ कुलदीप पुत्र हनुमान चला रहा था। कार सदर कोतवाली के गदनखेड़ा बाईपास के पास पहुंची थी कि कानपुर से लखनऊ की ओर जा रही तेज रफ्तार स्कार्पियो का अचानक टायर पंचर हो गया और वह बेकाबू हो डिवाइडर लांघते हुए दूसरी दिशा में विनीता की कार के ऊपर चढ़ गई। स्कार्पियो सवार तो किसी तरह भाग निकले पर विनीता और उनका परिवार कार में ही फंस गया। पुलिस ने भीड़ की मदद से सभी को बाहर निकाल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टर ने विनीता दास (45) और उसकी बेटी लीजा दास को मृत घोषित कर दिया। कार चालक नरेंद्र की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। विनीता के पति हैनरी दास और उसकी बड़ी बेटी शैला दास की हालत गंभीर देख कानपुर रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग रोते-बिलखते हुए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव देख बदहवास हो गए। पूर्व क्रिकेटर नीतू डेविड भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं और बहनोई हैनरी दास को ढांढ़स बंधा कानपुर में भर्ती बेटी की देखरेख के लिए भेजा। पोस्टमार्टम होने तक पूर्व क्रिकेटर यहीं बनी रहीं। गदनखेड़ा चौकी इंचार्ज कुलदीप गौर ने बताया कि अभी तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। स्कार्पियों में प्रेस लिखा हुआ है, जिससे मालिक की पहचान की जाएगी।

चालक को मौत खींच लाई पोस्टमार्टम हाउस पहुंची पूर्व क्रिकेटर नीतू डेविड ने रोते हुए बताया कि बहन और बहनोई की कार जो ड्राइवर चलाता था, वह छुट्टी पर चला गया था, उधर बस न मिलने पर उन्होंने दूसरे ड्राइवर को बुलाया। ड्राइवर ने त्योहार में न जाने की बात कह मना किया पर बहनोई की बात को काट न पाया और चला आया और असमय हादसे का शिकार हो गया। बहन और उसकी मासूम बेटी को भी डाक्टर नहीं बचा पाए। वह बोली बस मिल जाती तो शायद हादसा टल जाता।

Posted By: Jagran

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