इंदिरा आवास की बिना सरिया की छत ढही, ई-रिक्शा चालक की मौत

संवाद सूत्र, बीघापुर (उन्नाव) : इंदिरा आवास के कमरे की छत शनिवार की देर रात भरभराकर गिर गई। कमरे में सो रहे ई-रिक्शा चालक की मलबे में दबकर मौत हो गई। स्वजन के अनुसार बिना सरिया की छत जर्जर हो चुकी थी जो चालक मौत का कारण बन गई।

घाटमपुर कला के मजरा ठाकुरखेड़ा गांव निवासी दिवंगत किशनलाल को 23 वर्ष इंदिरा आवास आवंटित हुआ था। आवास के कमरों की छत बिना सरिया के ढाली गई थी। बिना सरिया के बनी छत जर्जर हो चुकी थी। शनिवार देर रात लगभग 12 बजे अचानक छत ढह गई। कमरे में सो रहा किशनलाल का 22 वर्षीय बेटा धर्मेंद्र मलबे में दब गया। चीख-पुकार के बीच स्वजन जब तक धर्मेंद्र को मलबे से बाहर निकालते, उसकी मौत हो गई। वह शुक्लागंज में किराए के घर में रहकर ई-रिक्शा चलाता था। शनिवार शाम को ही गांव पहुंचा था। बेहाल स्वजन बार-बार यही करते रहे कि धर्मेंद्र शुक्लागंज से न आता तो जान बच जाती। मां कृष्णा देवी समेत अन्य स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के पिता की जुलाई 2021 में सर्प के डसने से मौत हो चुकी है। प्रभारी निरीक्षक विनोद मिश्रा ने बताया तहसील प्रशासन को घटना की जानकारी दी गई है।

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