जागरण संवाददाता, उन्नाव : महिला जिला अस्पताल में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की निदेशालय से आई तीन सदस्यीय टीम ने गुरुवार को हकीकत परखी। इस दौरान अस्पताल की एक-एक सेवा के संबंध में मरीजों और स्टाफ से सवाल जवाब कर जानकारी जुटाई। कई स्थानों पर सुधार का सुझाव दिया, इससे माना जा रहा है अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के स्व:मूल्यांकन में जो अंक दिए हैं उनसे मंडल स्तरीय अफसरों की टीम संतुष्ट नहीं है।

महिला जिला अस्पताल प्रशासन अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का स्व:मूल्यांकन कर ग्रेडिग अंकों के साथ कायाकल्प योजना में प्रतिभाग किया है। कायाकल्प योजना की कसौटी पर महिला अस्पताल में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जांचने टीम आने की सूचना दो दिन पहले से थे। इससे अस्पताल प्रशासन ने सारी व्यवस्था चाक-चौबंद कर रखी थी। गुरुवार को अस्पताल प्रशासन ने जो स्व:मूल्यांकन किया है उसकी हकीकत परखने के लिए कानपुर मंडल से डिवीजनल कंसलटेंट डॉ. प्रियंका, राजेंद्र सिंह डिवीजनल प्रोजेक्ट मैनेजर, दुर्गेश मिश्र प्रोग्राम कोआर्डिनेटर की तीन सदस्यीय टीम महिला अस्पताल पहुंची। ओपीडी में मौजूद रोगियों से बात कर डॉक्टरों और स्टाफ के व्यवहार के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद अल्ट्रासाउंड कक्ष पहुंच मरीजों की संख्या को देखा। यहां जनसंख्या नियंत्रण काउंटर और उससे सेवा लेने वाले मरीजों का आंकड़ा चेक किया। वार्ड में मरीजों को दी जा रही है सेवाओं की जानकारी लेने के बाद टीम के सदस्यों ने कुछ सेवाओं में सुधार करने को कहा। प्रसव कक्ष और ओटी की सेवाओं को भी परखा। स्टाफ नर्स और सिस्टर से प्रसव कराने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सफाई आदि व्यवस्था के संबंध में भी निरीक्षण के समय सीएमएस डॉ. अंजू दुबे, मैनेजर ममता श्रीवास्तव, टीम के साथ रहीं। टीम के सदस्यों ने कहा अभी शुक्रवार को भी निरीक्षण किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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