जागरण संवाददाता, उन्नाव : बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। सरकारी गैर सरकारी अस्पतालों में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को बुखार पीड़ित एक युवक की मौत हो गई, जबकि 312 बुखार पीड़ित सरकारी अस्पताल पहुंचे। जिनमें 29 बच्चे भी शामिल है। जिला अस्पताल इमरजेंसी में 12 को भर्ती किया गया है।

औरास थाना क्षेत्र के खड़वल निवासी सजीवन पाल के 20 वर्षीय पुत्र रोहित उर्फ राहुल को कई दिन से बुखार आ रहा था। स्वजन ने उसे औरास नर्सरी पुलिया के पास संचालित एक निजी अस्पताल होम में भर्ती कराया। जहां दस दिन इलाज कराने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ स्थिति बिगड़ती गई, जिस पर स्वजन उसे मियागंज के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां भी कोई लाभ न मिलने पर उन्नाव ले गए। वहां से जवाब होने पर लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बुधवार को उसकी मौत हो गई। बुधवार को भी जिला अस्पताल में बुखार पीड़ित 47 गंभीर बुखार पीड़ित मरीज पहुंचे। जिनमें 20 बच्चे शामिल हैं। गंभीर बुखार पीड़ितों में 12 को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही डायरिया के भी चार गंभीर मरीज भर्ती किए गए हैं। सीएमएस डा. पवन कुमार ने बताया कि 63 की विड्राल जांच कराई गई, जिसमें 12 टाइफाइड के मरीज मिले हैं। 44 मरीजों की मलेरिया जांच कराई,लेकिन कोई पाजिटिव नहीं मिला। इसके साथ ही पीएचसी सरोसी में 16 बुखार पीड़ित मिले जिनमें 10 सैय्यद अब्बासपुर गांव के हैं। शुक्लागंज पीएचसी छह, गंजमुरादाबाद 15, ब्योली इस्लामाबाद चार, जोगीकोट 11, आशायस छह, फतेहपुर चौरासी 10, असोहा सीएचसी 12, औरास 12, पुरवा 14, बांगरमऊ 25, हिलौली 16, मौरावां 11, नवाबगंज सीएचसी में 77 बुखार पीड़ित मरीज मिले हैं।

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डोर-टू डोर सर्वें में मिले 410 बुखार के मरीज

- बुधवार को 1143 टीम द्वारा 59245 घरों का सर्वे किया गया। जिनमें की 410 बुखार पीड़ित मरीज चिहित किए गए हैं। उनमें बुखार के 271 मरीज हैं जबकि सर्दी जुकाम बुखार के 135 और मलेरिया का एक मरीज शामिल है।

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डेंगू वार्ड का सीएमएस ने किया निरीक्षण

- सीएमएस डा. पवन कुमार ने डेंगू के मरीजों के लिए तैयार किए गए वार्ड का निरीक्षण कर निर्देश दिया कि डेंगू के लक्षण वाले जो भी संदिग्ध मरीज आएं उन्हें सामान्य मरीजों में तब तक न रखें। जबतक कि उनकी डेंगू एलायजा रिपोर्ट न आ जाए।

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पैथोलाजिस्ट के अभाव में नहीं शुरू हो पाई डेंगू जांच

- लभग पांच दिन पूर्व मौरावां सौ बेड अस्पताल में डेंगू की एलायजा जांच करने वाली मशीन लग गई थी। लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं हो सकी है। सीएमओ डा. सत्यप्रकाश ने बताया कि पैथोलाजिस्ट न होने से जिले में जांच शुरू नहीं हो पा रही है। पैथोलाजिस्ट के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक और शासन को पत्र भेजा है।

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बढ़ा बुखार, झोलाछाप की सहालग

- जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ते ही झोलाछाप की सहालग हो गई। औरास, बांगरमऊ से लेकर सफीपुर तक झोलाछाप का मकड़जाल फैला है। जहां न योग्य डाक्टर हैं और न प्रशिक्षित स्टाफ लेकिन क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है।

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घबराएं नहीं, इलाज का माकूल बंदोबस्त

- डीएम रवींद्र कुमार ने जिले के लोगों से अपील की है कि वह डेंगू और बुखार से घबराएं नहीं इलाज का पूरा बंदोबस्त है। उन्होंने बताया कि सभी अस्पतालों में डेंगू वार्ड बने और पर्याप्त जांच का बंदोबस्त है।

Edited By: Jagran