Kanpur-Lucknow Expressway: पंखे से पैचवर्क को सुखाने का कारनामा, 26 दिन में पैचिंग पर पैचिंग उसमें भी खेल
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के 26 दिन बाद ही जगह-जगह सड़क धंसने और पैचवर्क की समस्या सामने आई है, जिससे ...और पढ़ें

HighLights
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क चार और जगह और खराब, 72 नमूने जांच को भेजे
एक ओर चल रही मानक और निर्माण खामियों की जांच दूसरी तरफ बढ़ रही समस्याएं
26 दिन में 45 किमी के ग्रीनफील्ड हिस्से की दोनों लेन पर 20 जगह बड़ी खामियां मिलीं
जागरण संवाददाता उन्नाव। देश के सबसे महंगे टोल वाले लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे इन दिनों चर्चा में हैं। पंखे से पैचवर्क सुखाने वाली कंपनी और एक्सप्रेसवे की पोल दिन पर दिन खुलती जा रही है। यही नहीं पैचिंग में भी खेल हो रहा है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहन चलते अभी सिर्फ 26 दिन ही हुए हैं, लेकिन स्थिति ऐसी है कि ग्रीनफील्ड हिस्से के 45 किलोमीटर में उन्नाव से लखनऊ लेन पर औसतन हर दो किलोमीटर पर सड़क धंसी और खराब मिल जाएगी, जबकि 700-800 मीटर पर पैचवर्क। छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज किया जाए तो सड़क पर संचालन शुरू होने के बाद से अब तक 20 जगह या तो सड़क धंस चुकी है या फिर उखड़ गई है।

ग्रीनफील्ड हिस्से में दोनों लेन पर अब तक 74 जगह पैचवर्क किया जा चुका है। सबसे ज्यादा समस्या लखनऊ जाने वाली लेन पर है। पांच अगस्त को टोल वसूली बंद होने के दूसरे दिन यानी गुरुवार से एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। शनिवार तक तीन दिनों में ही 10 जगह सड़क धंस चुकी है। एनएचएआइ की ओर से आई इंजीनियरों की टीम ने सड़क और मिट्टी के नमूने लेने की प्रक्रिया तीसरे दिन पूरी कर ली। कुल 72 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच टीम में शामिल इंजीनियरों के अनुसार 17 अगस्त तक रिपोर्ट आ सकती है।
26 जुलाई को पहली बार धंसी सड़क
एक्सप्रेसवे निर्माण में 4200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और इस पर वाहन 14 जुलाई को चलने शुरू हुए थे। पहली बार 26 जुलाई को सड़क धंसी तो सिलसिला शुरू हो गया। कहीं नालियां बन गईं तो कहीं बिटुमिन की पर टूटने-दरकने और उखड़ने की समस्या मिली। डायवर्जन करना पड़ा। उन्नाव की ओर से भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया।
टोल वसूली बंद हुई तो बढ़ी वाहनों की संख्या
एनएचएआइ ने टोल वसूली बंद कर दी तो वाहनों की संख्या बढ़ गई और समस्याएं भी। निर्माण एजेंसी पीएनसी इन्फ्राटेक ने सिर्फ 300 मीटर हिस्सा प्रभावित होने की बात कही है, लेकिन इंजीनियरों की जो टीम निरीक्षण कर रही है, उसने एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम में गड़बड़ी की बात कही है। शनिवार को लखनऊ जाने वाली लेन पर बेगमपुर के पास किमी संख्या 48.6 पर लगभग एक मीटर सड़क धंस गई। वहां बालू बिखरी मिली, यानी कोई वाहन उस पर उछला और उससे बालू गिरी।
पैचवर्क भी उखड़ गया
इसके अलावा बेगमखेड़ा के पास किमी संख्या 30.4 से 30.3 तक 100 मीटर का नया पैचवर्क उखड़ गया है। इसकी मरम्मत शुरू हो गई है। सोहरामऊ के पास किमी संख्या 29.9 से 29.8 तक 100 मीटर मार्ग पर भी खामी मिलने पर नया पैचवर्क किया गया है। किमी संख्या 28.9 से 28.8 पर भी सड़क धंसी है, जहां पैचवर्क कर दिया गया है।
17 अगस्त को आएगी रिपोर्ट
एनएचएआई की ओर से गुरुवार को भेजी गई इंजीनियरों की टीम ने शनिवार को जांच पूरी कर ली। दोनों लेन के 45-45 किमी हिस्से जोड़कर औसतन हर 12 मीटर पर सड़क के नमूने लिए गए हैं। पहले सड़क के 68 नमूने लिए जाने थे, लेकिन अब सिर्फ ग्रीनफील्ड हिस्से पर 50 जगह ही जांच हुई है। मिट्टी के सैंपल लिए जाने के लिए 22 स्थान तय थे और सभी नमूने ले लिए गए हैं। जांच टीम में शामिल इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि रिपोर्ट 17 अगस्त तक आने की पूरी संभावना है।

टोल फ्री होने के बाद एक्सप्रेसवे पर बढ़े वाहन
एक्सप्रेसवे पर उन्नाव से शुरू होता है और यहां आजाद मार्ग, इसके बाद कोरारी, लखनऊ के बनी और शहीद पथ के पास टोल प्लाजा बनाए गए हैं। एक्सप्रेसवे प्रबंधन के अनुसार टोल वसूली बंद होने के बाद ज्यादातर वाहन एक्सप्रेसवे से जा रहे हैं और रोजाना लगभग 22 से 25 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। इसका असर कानपुर-लखनऊ हाईवे पर पर पड़ा है। यहां वाहनों की संख्या घट गई।
रोजाना 10 लाख का घाटा
नवाबगंज स्थित टोल प्लाजा के मैनेजर दीपक यादव के अनुसार पांच अगस्त से टोल मुफ्त होने के बाद हाईवे से गुजरने वाले 300 से 1000 वाहन एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट हो गए हैं। एक ओर जहां लखनऊ कानपुर हाईवे पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को प्रतिदिन लगभग 10 लाख रुपए टोल वसूली में काम आने लगे हैं। वहीं एक्सप्रेसवे पर मुफ्त में दौड़ रहे हजारों वाहनो के बावजूद 25 लाख रुपये प्रतिदिन टोल का नुकसान एनएचएआई लखनऊ को हो रहा है।
सड़क की दुर्दशा के साथ नजरअंदाज हो गई यातायात सुरक्षा व्यवस्था
एक्सप्रेस वे पर एक और जहां मार्ग की दुर्दशा यातायात के लिए दुर्गम हो रही है। वही वाहन चालकों को इस एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के बंदोबस्त भी पुख्ता नहीं मिल रहे हैं। वह चाहे उन्नाव लखनऊ हो अथवा लखनऊ उन्नाव दोनों लेन पर बिना रोक टोक ग्रामीण बेफिक्र घूमते नजर आते हैं। युवा कसरत करते दिखते हैं। जबकि, कुत्ते से लेकर गोवंशी तक बीच सड़क और मार्ग के बीच में बने डिवाइडर तक आराम से घूमते, बैठते देखे जा रहे हैं।
पैचिंग पर पैचिंग उसमें भी खेल
एक्सप्रेसवे की सड़क धसने के बाद जो पैचिंग की जाती है तो उसमें भी खेल हो रहा है। जिसका प्रमाण लखनऊ से उन्नाव लेन पर किलोमीटर 63.9 गांव इजराइल खेड़ा के पास 100 मीटर की पैचिंग दे रही है। जो यहां पर चार अगस्त को सड़क धंसने के बाद की गई थी। इसके बाद यहां पांच अगस्त को पैचिंग की गई। इसके बाद को यही पैचिंग वाला स्थान फिर फट और धंस गया। जिसकी नई पैचिंग 6 अगस्त को की गई। जो 7 अगस्त को फिर उखड़ गई। उखड़ा हुआ यह पैच अब मलबे के रूप में सड़क पर एक जगह इकट्ठा हो रहा है। जिस पर निकल कर आए डामर के टुकड़े हाथ से उठाने पर बड़ी आसानी से टूट रहे हैं।

अब तक इस तरह आईं 20 बड़ी खामियां
26 जुलाई से पांच अगस्त तक आई समस्याएं
- 26 जुलाई को और फिर 29 जुलाई को कोरारी खुर्द गांव के सामने कोरारी टोल से एक किमी आगे किमी 64 पर दो बार सड़क धंसी।
- बनी टोल से एक किमी पहले किमी 26 सोहरामऊ पर 30 जुलाई को चार मीटर सड़क धंसी।
- बनी टोल के पास ही 26.4 किमी आनंदी वाटर पार्क के पास 31 जुलाई को सड़क धंसी।
- 26.4 किमी आनंदी वाटर पार्क के पास ही काम होने के दौरान मार्ग धंसने से 31 जुलाई को ट्रक पलटा।
- एक अगस्त को लोकार्पण स्थल पड़री के झाऊखेड़ा निकट किमी 46 पर लखनऊ उन्नाव से लखनऊ लेन पर जर्क हुआ।
- चार अगस्त को किमी संख्या 63 (नेवरना ग्राम सभा के मजरे सेथरा) पर चार मीटर तक सड़क धंसी।
छह अगस्त
- किमी 48 पर 100 मीटर की पुलिया में दोनों छोर पर 9-9 फीट दीवार फटी। तिरछे आकार में पूरी लेन की सड़क भी फट चुकी है। जिससे उक्त पुलिया की।दीवारें फटने के साथ डिवाइडर फटा।
- किमी 63.9 बेहटा नथई सिंह गांव, 50 मीटर पैचिंग उखड़ी, गड्ढा हुआ। यहां बुधवार को पैच वर्क किया गया था।
- रूट डायवर्जन के क्षेत्र में किमी 62.9 इजरायल खेड़ा, दो दिन पहले की गई पैंचिंग उखड़ी। यहां 80 मीटर सड़क एक फीट गहरी खोदकर दोबारा नई पैचिंग जारी।
- उन्नाव-लखनऊ लेन में किमी संख्या 60.3 अड़ेरुवा गांव पर सड़क तीन मीटर तक धंसकर उखड़ गई।
- किमी 57.4 बड़ौरा गांव, 10 मीटर चौड़ाई व 15 मीटर लंबाई में सड़क दबी। बीच का हिस्सा ऊपर उठा।
- किमी 56.6 दुवा गांव, 10 मीटर सड़क दबी।
- 46.8 से 46.7 भवानी खेड़ा गांव, 100 मीटर में 60 मीटर की नई पैचिंग बीच में 15 मीटर फटकर धंसी।
- किमी 39.7 से 39.8 उम्मेदखेड़ा व बीकामऊ तक 60 मीटर लंबाई व 10 मीटर चौड़ाई में रोड फटकर उखड़ी। 30 मीटर तक गहरी नाली सड़क पर बनी।
सात अगस्त
- उन्नाव-लखनऊ सड़क की अंतिम लेन पर किमी 30.1 से 29.8 तक गांव बाबाखेड़ा के पास 300 मीटर सड़क का डामर उखड़ने व फटने के बाद तीन इंच की गहराई तक एजेंसी ने पैच निकाल दिया।
- लखनऊ से उन्नाव सड़क की पहली लेन के किमी 63.8 से 63.9 गांव इजरायलखेड़ा निकट पूर्व में की गई पैचिंग उखड़ने से सड़क पर गड्ढा सा हो गया है।
आठ अगस्त
- लखनऊ एक्सप्रेसवे की उन्नाव से लखनऊ लेन पर शनिवार को चार स्थानों पर सड़क में खामियां आई। जिसमें किलोमीटर किलोमीटर 48.6 गांव बेगमपुर के पास सड़क लगभग एक मीटर दब गई। जिसे वहां से निकले बालू लदे वाहन के उछलने से थोड़ी बालू इस स्थान पर इस तरह गिरी कि आवागमन में संबंधित खामी स्पष्ट नहीं दिख रही है।
- किलोमीटर 30.4 से 30.3 तक 100 मी नई पैचिग उखड़ गई है। जिसकी मरम्मत चल रही है। यह समस्या गांव बेगम खेड़ा के निकट है।
- सोहरामऊ गांव के निकट 29.9 से 29.8 तक 100 मी मार्ग पर खामी आई, जिसकी नई पैचिंग की गई है।
- आनंदी वाटर पार्क के निकट किलोमीटर 28.9 से 28.8 पर सड़क धसने की समस्या के बाद नई पैचिंग की गई।
शंभू खेड़ा गांव के सामने अल्युमिनियम गार्ड का ध्वस्त हुआ प्लास्टर
उन्नाव लखनऊ लेन पर किलोमीटर गांव शंभू खेड़ा के निकट 39.7 से 39.6 सड़क किनारे लगाए गए अल्युमिनियम गार्ड के नीचे का प्लास्टर लगभग तीन फीट ध्वस्त होकर टुकड़ों में बंट गया है। समस्या की अनदेखी पर पाए फ्री होने से अल्युमिनियम गार्ड लगभग 20 मीटर तक नीचे गिर सकता है।
