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कानपुर लखनऊ के बीच दौड़ेगी रैपिड रेल, उन्नाव में नए रेलवे ट्रैक के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू

Published: Tue, 06 Jan 2026 03:52 PM (IST)

कानपुर और लखनऊ के बीच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रैपिड रेल चलाने की तैयारी तेज हो गई ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कानपुर-लखनऊ रैपिड रेल 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी

  2. उन्नाव में तीन नए स्टेशन बनेंगे, भूमि अधिग्रहण शुरू

  3. कानपुर-लखनऊ का सफर मात्र 30 मिनट में पूरा होगा

जागरण संवाददाता, उन्नाव। कानपुर और लखनऊ के बीच 160 किमी की रफ्तार से रैपिड रेल दौड़ेगी। इसकी तैयारी तेज कर दी गई है। यह ट्रेन उन्नाव सीमा में उन्नाव जंक्शन के अलावा बशीरतगंज और नवाबगंज में भी रुकेगी। तीनों के अलग स्टेशन होंगे। नया रेलवे ट्रैक बनाने के लिए जमीन चिह्नांकन, अधिग्रहण समेत अन्य प्रक्रिया प्रशासन स्तर से शुरू कर दी गई है।

रैपिड ट्रेन चलाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बनी से अमौसी हवाई अड्डे के बीच रैपिड रेल परियोजना को एनओसी दे दी है। परियोजना पूरी होने के बाद ट्रेनों को 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाया जा सकेगा। इससे कानपुर से लखनऊ का सफर 30 मिनट में, उन्नाव से कानपुर 10 मिनट और लखनऊ की दूरी 30 मिनट की रह जाएगी।

 

2021 में तैयार हुआ था ड्राफ्ट

रैपिड रेल परियोजना का प्रस्ताव वर्ष 2015 में नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटी) ने रेल मंत्रालय को भेजा था। वर्ष 2021 में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव गृह दीपक कुमार ने ड्राफ्ट तैयार कराया था। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने ट्रांस गंगा सिटी के लिए इस परियोजना को मंजूरी दे दी थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भी एनओसी दे दी है। इससे परियोजना पर तेजी से काम शुरू हुआ है।

 

मेरठ दिल्ली माडल के आधार पर बनेगा कारिडोर

परियोजना को मेरठ-दिल्ली माडल के आधार पर विकसित किया जाएगा। नमो कारिडोर नाम से विकसित किया जाएगा। कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग को बाधा रहित बनाने के लिए 94.83 करोड़ की लागत से नौ स्थानों पर रेलवे अंडरपास और 273.78 करोड़ की लागत से पांच ओवरब्रिज (आरओबी) बनाए जाएंगे।

यहां पर पुल का निर्माण

अजगैन-मोहान मार्ग पर अजगैन रेलवे क्रासिंग और गंगा बैराज मार्ग पर सरैया रेलवे क्रासिंग पर पुल का निर्माण जारी है। इससे रेलवे फाटक को बंद करके सड़क यातायात रुकने के बाद ही ट्रेन निकालने की रुकावट खत्म हो जाएगी। मवेशियों या इंसानों की रेलवे ट्रैक पर आवाजाही रैपिड ट्रेन के लिए खतरा न बने इसके लिए रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ दीवार बनाने का काम चल रहा है।

ये रहेगा रूट

करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। रैपिड ट्रेन का रूट अमौसी से बनी, जैतीपुर, अजगैन उन्नाव और मगरवारा होते हुए गंगा बैराज से जोड़ा जाएगा। इसके बाद में लखनऊ और कानपुर के मेट्रो स्टेशन से भी जोड़ा जा सकता है। आरएम सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीएसी) ने रैपिड ट्रेन चलाने की प्रक्रिया पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। करीब 67 किमी के इस रूट में छह स्टेशन आएंगे। आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए शासन ने हाईपावर कमेटी बनाई है। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर और उन्नाव के अधिकारियों की भी एक समन्वय समिति बनाई गई है। नमो भारत रेल कारिडोर योजना के तहत इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया है।