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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आशाओं ने जड़ा ताला, तीन घंटे बंद रही ओपीडी

By JagranEdited By:
Published: Sat, 30 Oct 2021 06:11 PM (GMT+05:30)

जागरण संवाददाता उन्नाव बांगरमऊ के विभिन्न गांवों में तैनात करीब पचास आशा बहू और संगिनी

आशाओं ने जड़ा ताला, तीन घंटे बंद रही ओपीडी
आशाओं ने जड़ा ताला, तीन घंटे बंद रही ओपीडी

जागरण संवाददाता, उन्नाव: बांगरमऊ के विभिन्न गांवों में तैनात करीब पचास आशा बहू और संगिनी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रदर्शन कर ओपीडी मुख्य गेट में ताला जड़ दिया। जिससे करीब तीन घंटे तक ओपीडी ठप रही। बाद में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने चिकित्सा अधीक्षक डा. मुकेश कुमार को ज्ञापन सौंपा।

आशा बहू और संगिनी ने शनिवार को नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर धरना दिया। संविदा महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा देने और 18 हजार रुपए मासिक वेतन प्रदान करने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया है कि सभी संविदा महिला स्वास्थ्य कर्मी स्वास्थ्य विभाग की मजबूत कड़ी है और वे ग्रामीण स्वास्थ्य के संदर्भ में अग्रणी भूमिका निभाती चली आ रही हैं। कोरोना काल में भी सिर्फ और सिर्फ आशा बहू और संगिनी ही अपनी जान जोखिम में डालकर फ्रंट वारियर्स के रूप में मोर्चे पर डटी रहीं। ज्ञापन में संविदा महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने मांग उठाई है कि उन्हें नियमित कर्मचारी की मान्यता दी जाए और 18 हजार रुपए मासिक वेतन प्रदान किया जाए। अन्यथा सभी आशा बहू और संगिनी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटी रहेंगी। धरने में प्रेम कुमारी, रेखा गुप्ता, रूबी, विद्यावती, सुनीता यादव, रीना सिंह, उषा देवी, मालती देवी, मंजू ,ऊषा शर्मा, सुशीला, सरल व जनक दुलारी आदि सभी आशा और संगिनी शामिल रही।