संवाद सूत्र, अचलगंज : माल शिफ्टिग के दौरान वाहन की चपेट में आकर हिदुस्तान लीवर के गंभीर रूप से घायल एक श्रमिक की रविवार को उपचार के दौरान कानपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। सोमवार को परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मृतक का शव गोदाम के गेट पर रखा कर जमकर हंगामा किया। इस दौरान मुआवजे की मांग को लेकर पांच घंटे तक हो-हल्ला होता रहा। बाद में प्रबंधन द्वारा तीन लाख की आर्थिक सहायता और 25 अंतिम संस्कार के लिये देने के बाद परिजन शांत हुए।

अजगैन थाने के साहब खेड़ा निवासी सुशील कुमार (30) पुत्र रामदास बंथर चौराहा निकट हिदुस्तान लीवर लिमिटेड गोदाम में चार वर्षों से मजदूरी करता था। शनिवार को मुख्य गोदाम से सड़क पार कर दूसरे छोटे गोदाम में माल शिफ्टिग के दौरान वह वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के लिए उसे कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां रविवार को उपचार दौरान उसकी मौत हो गयी थी। कानपुर में पोस्टमार्टम होकर शव परिजनों को रविवार देर रात मिल गया। सोमवार को परिजन शव को लेकर गोदाम आए और गेट के सामने रख कर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर अचलगंज इंस्पेक्टर डीपी सिंह, बदरका चौकी प्रभारी संजीव शाक्य मौके पर पहुंचे। पांच घंटे तक हंगामा जारी रहा। हिदुस्तान लीवर की ओर से प्रबंधक सुशील कुमार ने अचलगंज इंस्पेक्टर की उपस्थिति में तीन लाख की चेक और 25 हजार की धनराशि मृतक की पत्नी तारावती को दिया। इसके बाद मामला शांत हो सका। मृतक परिवार का मुखिया था उसके तीन साल की पुत्री इशिका है। पति की मौत से पत्नी व बेटी बेहाल रही।

Posted By: Jagran

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