जागरण संवाददाता, उन्नाव : माघ मेला को देखते हुए औद्योगिक इकाइयों को वाटर डिस्चार्ज न करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी औद्योगिक क्षेत्र में तमाम इकाइयों से वाटर डिस्चार्ज होता रहा। वहीं नगर पालिका के नाले भी गंगा में गिरने का क्रम बिना शोधन के जारी रहा। इसकी शिकायतों पर मुख्यविकास अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से दो दिनों के अंदर जवाब मांगा है। जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

बताते चलें कि माघ मेला को देखते हुए गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने की कवायद चल रही है। इसी के तहत गंगा में गिरने वाला औद्योगिक इकाइयों और नगर पालिका के पानी को रोकने के लिए एक रोस्टर जारी किया गया था। जिसे लागू कराने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी गई। इसके बाद भी दही चौकी और मगरवारा स्थिति औद्योगिक इकाइयां और यांत्रिकी पशु वधशाला का संचालन व वाटर डिस्चार्ज जारी रहा। इसकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिसमें उन्होंने उक्त प्रकरण का दो दिनों के अंदर जवाब देने के लिए निर्देश दिया है।

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फर्जी छात्र संख्या मामले की होगी जांच

- कौशल विकास योजना के तहत शहर के लोक नगर में चल रहे शिक्षण कार्यक्रम को लेकर पिछले दिनों इंटरनेट मीडिया पर फर्जी छात्र संख्या दिखा कर संचालन करने का आरोप लगा था। उसे संज्ञान लेते हुए सीडीओ ने उक्त प्रकरण की जांच के आदेश प्रधानाचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन को दिये हैं। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने उक्त प्रकरण की जांच रिपोर्ट भी दो दिनों के अंदर तलब की है।

Edited By: Jagran