लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की 14 फीट सड़क हवा में लटकी, मिट्टी धंसी, ग्रीनफील्ड हिस्से में 148 स्थानों पर आ चुकी खराबी
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर घटिया निर्माण के कारण 14 फीट सड़क हवा में लटक गई है और ग्रीनफील्ड हिस्से में 148 ...और पढ़ें

लखनऊ- कानपुर एक्सप्रेसवे पर 56.8 के आगे धंसा सड़क के नीचे का हिस्सा। जागरण
HighLights
शनिवार को किमी 69.8 पर गांव अमरसस के पास 15 मीटर तक धंसी थी मिट्टी, लटकी 13 मीटर सड़क
आवागमन के 90 किमी ग्रीन फील्ड हिस्से में अब तक 56 बड़े सहित 148 स्थानों पर धंसी एक्सप्रेसवे की सड़क
4200 करोड़ की सड़क के घटिया निर्माण पर अब तक पीडी सहित चार इंजीनियरों पर हो चुकी कार्रवाई
जागरण संवाददाता, उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहन दौड़ रहे हैं, लेकिन कमियां नहीं रुक रहीं। उन्नाव-लखनऊ लेन पर खरगीखेड़ा के निकट किमी 56.8 पर ढलान की मिट्टी बह जाने से सड़क का 14 फीट हिस्सा लटक गया है। इससे पहले शनिवार को अमरसस के पास किमी संख्या 69.8 पर ढलान की मिट्टी बहने से सड़क का 13 मीटर हिस्सा लटक गया था। यह वाहन सवारों के लिए खतरनाक हो सकता है।
करीब 4200 करोड़ रुपये खर्च कर बने एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड 45 किमी हिस्से में दोनों लेन पर अब तक 148 स्थानों पर पैचवर्क किया जा चुका है। इनमें 56 जगह सड़क ज्यादा धंसी, जहां निर्माण एजेंसी पीएनसी 200 मीटर से लेकर डेढ़ किमी तक के लंबे पैच लगाए हैं। पीएनसी इंफ्राटेक के प्रबंधक वीएस कुंडू ने बताया कि वर्षा के कारण दिक्कत आ रही है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर 57.5 के पास गड्ढा। जागरण
एक्सप्रेसवे धंसने के साथ ही उखड़ भी रहा है। कोरारी, कुशराजपुर, बेगमखेड़ा, तौरा, अमरसस, कांथा नेवरना गांव के पास गड्ढे हो गए हैं। उन्नाव से लखनऊ लेन पर करौंदी के पास किमी 72 और कोरारी कलां के निकट किमी 64 के पास गड्ढे हैं। इसी जगह सड़क 80 मीटर धंस गई है।
दतौली के निकट किमी 58.3 के पास सड़क फिर धंस गई है। किमी 57.5 के पास गड्ढा हो गया है। इस स्थान पर किया गया पैच भी ऊबड़खाबड़ है। पठकापुर में किमी 67.1 के पास पैचवर्क सड़क की सतह से लगभग दो इंच ऊपर है। वाहन पहुंचते ही जर्क लगता है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर किमी 58.3 के पास धंसी सड़क पर डामरीकरण करते मजदूर। जागरण
इजरायलखेड़ा के निकट किमी 63 के पास डामरीकरण किया गया है। यहां एक लेन से ही वाहन निकल रहे हैं। गांव नेवरना के निकट दरकी पुलिया की मरम्मत चल रही है। ड्रेनेज व्यवस्था भी ध्वस्त है। इसे सुधारने के लिए निर्माण एजेंसी ने लगभग नालियों के ऊपर बनाए गए क्रैश बैरियर तोड़ दिए हैं।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर किमी 64.1 पर लगा इमरजेंसी फोन गायब, खाली बाक्स। जागरण
वाहन सवार की बिगड़ी तबीयत, पीसीबी मिला गायब
एनएचएआइ ने एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी सेवाओं के लिए प्रत्येक दो किमी पर पब्लिक कालिंग बूथ लगवाए हैं। रविवार को कार से लखनऊ जा रहे मोनू राही की तबीयत बिगड़ गई। कोरारी कला के निकट किमी 64.1 के पास उन्होंने बूथ से से मदद मांगनी चाही, लेकिन उसका रिसीवर ही गायब था।
अमेरिका में सड़क खराब होने पर होता जुर्माना, ब्लैकलिस्ट व आपराधिक मुकदमा
अमेरिका में खराब या असुरक्षित सड़क बनाने वाले ठेकेदारों और एजेंसियों पर भारी जुर्माना, अनुबंध रद्द होना, ब्लैकलिस्टिंग और गंभीर मामलों में धोखाधड़ी के लिए आपराधिक मुकदमे की कार्रवाई होती है। जिम्मेदार एजेंसियों की काम में लापरवाही मिलने पर सरकार तुरंत ठेका छीन लेती है। खराब काम का पैसा नहीं मिलता है। पहले किए गए भुगतान की वसूली भी की जा सकती है।ठेकेदार को भविष्य के सरकारी प्रोजेक्ट्स से बाहर कर दिया जाता है। लागत से कई गुना ज्यादा जुर्माना लगाया जाता है। जानबूझकर घटिया सामग्री इस्तेमाल करने पर भ्रष्टाचार या धोखाधड़ी का केस दर्ज होता है। दोषी अधिकारियों या ठेकेदारों को जेल भी हो सकती है। वाहन चालकों को गाड़ी नुकसान होने पर सरकार से हर्जाना मांगने का अधिकार है।लोग सड़क एजेंसी के खिलाफ कोर्ट में केस कर सकते हैं।
सड़क पर वर्षा के कारण दिक्कत आ रही है। यही सड़क वर्षा के बाद बिलकुल सही रहेगी। सुधारात्मक कार्य चल रहे हैं।
- वीएस कुंडू-मैनेजर पीएनसी इंफ्राटेक
