संवादसूत्र, सुलतानपुर : राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.केएन ¨सह ने व्यक्तित्व एवं विकास के लिए पुरुषार्थ एवं योग दोनों को जरूरी बताया। वे श्री अर¨वद सोसायटी की ओर से बढ़ैयावीर स्थित दिव्य देहांश स्थल पर आयोजित समग्र योग विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। सोसायटी की स्थानीय इकाई की ओर से डॉ.दिनेश दिव्यम की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी का संचालन करते हुए प्रारंभ में संगठन के स्थानीय प्रभारी डॉ.जेपी ¨सह ने आमजनों को अर¨वद के योग से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि हर कर्म को रिमेंबर एंड ऑफर के भाव से किया जाना चाहिए। बतौर मुख्य अतिथि डॉ.

¨सह ने मौजूदा वक्त में योग की महत्ता पर व्याख्यान दिया। उन्होंने खास तौर से पुरुषार्थों के महत्व को भी इंगित किया। कहाकि धर्म, अर्थ, काम,

मोक्ष ये चार पुरुषार्थ हैं। जिनसे जीवन की सिद्धि होती है। कार्यक्रम

संयोजन डॉ.प्रीति प्रकाश ने किया।

Posted By: Jagran

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