सुलतानपुर : मौसम की बेरुखी बरकरार है। बीते तीन दिनों से धूप नहीं निकल रही है। वहीं गुरुवार को बादल की आवाजाही व बूंदाबादी ने लोगों को परेशान कर रखा। धुंध कोहरा और बदली से फसलों को नुकसान का अंदेशा है। पाला की संभावनाएं बढ़ी हैं। इसके साथ लोगों को ठंड से राहत मिलती भी नहीं दिख रही है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आगामी 24 घंटे में बदली और छिटपुट बरसात की संभावना है।

-ठंड ने किया बेहाल

कई दिनों से धूप न निकलने का असर अब आमजन पर पड़ रहा है। लोग घरों से मजबूरी में निकल रहे हैं, जो निकल भी रहा है गर्म कपड़ों में लिपटा रहता है। सार्वजनिक जगहों पर अलाव का पर्याप्त इंतजाम न होने से भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन व अस्पताल आए लोगों के लिए भी मौसम कहर बन रहा है।

-टमाटर व आलू की फसल पर झुलसा का प्रकोप

भदैंया संसू के अनुसार..मौसम के इस हालात से झुलसा रोग प्रभावी हो गया है। टमाटर, आलू दलहनी व तिलहनी तथा फूल वाली फसलों पर पाले का असर दिख रहा है। किसानों को तैयार हो रही आलू व टमाटर की फसल बचाने चिता बढ़ गई है। वहीं मटर के पौंधे व फल भी कोहरे के चलते झुलस रहे हैं। इसके साथ ही अरहर, मसूर, चना व सरसों के फूल लगी फसलों में भी इसका सीधा असर दिख रहा है।

-विशेषज्ञ ने दिए सुझाव

कृषि विशेषज्ञ ब्रह्मराज पांडेय ने बताया कि किसानों को बरसात के पानी तथा शीतलहरी से होने वाले संक्रमण से फसलों को बचाने के लिऐ फंगीसाइड मैंकोजेब तथा मेटालैक्सिल का छिड़काव करना चाहिए। सब्जी में टमाटर तथा आलू की फसल पर तापमान परिवर्तन तथा बरसात का सीधा असर पड़ता है। जिसमें ट्यूबाकोनाजोल 50 प्रतिशत और ट्राईफ्लाक्सीस्टोविन 25 प्रतिशत का छिड़काव करना चाहिए। इससे रोगों की रोकथाम किसान कर सकते हैं। मौसम खराब होने से पहले ही किसान अच्छी फंगीसाइड दवाओं का छिड़काव कर फसलों को सुरक्षित कर सकते हैं।

Posted By: Jagran

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