संवादसूत्र भदैंया : तपती धूप और बेतहाशा गर्मी ने मनुष्य व जीव जंतु ही नही मशीनरी व्यवस्था पर भी अपना असर दिखा रही है । धरती के अंदर से खेती के लिए पानी निकालने वाले नलकूप वाटर लेबल घटने व लो बोल्टेज से पानी देना बंद कर दिया है। इससे किसानों के सामने नई समस्या आ खड़ी हुई है।

पांच दिनो से बढते तापमान ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। जून माह के प्रथम सप्ताह में जहां किसान धान की पौध डालते हैं, वही अंतिम जून के अंतिम सप्ताह व जुलाई

का प्रथम सप्ताह धान की रोपाई का सही समय माना जाता है। मौजूदा समय में धान की पौध डालने के लिए तैयार खेत मे बरसात न होने से धान की पौध नहीं पड पा रही है। एक तरफ तपती धूप दूसरी तरफ लो वोल्टेज परेशानी से नलकूप भी जबाब दे

रहे हैं। वही वाटर लेबल नीचे जाने से न कूप पानी देना बंद कर दिए हैं। इसके चलते किसानों की परेशानी बढ गई है। जहां पौध नहीं पड़ी वहां धान की फसल अब लेट हो रही है। वहीं जहां पौध पड गई है वहां सिचाई व धान की रोपाई की समस्या मुंह बाए खड़ी है।

Posted By: Jagran

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