सुलतानपुर : भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। इस त्योहार से पहले बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सज जाते थे। पर इस बार यह रौनक गायब है। खरीदारों में वैसा उत्साह नहीं है। 55 घंटे की प्रदेश में बंदी के साथ रविवार को जिले में बाजारों में साप्ताहिक बंदी का भी दिन था। शासन के निर्देश के बाद जिलाधिकारी ने सी इंदुमती ने रविवार को राखी व मिठाई की दुकानों को खोले जाने का आदेश जारी किया। इसके बाद शहर में कहीं-कहीं दुकानें खुली नजर आईं। उन पर खरीदारों आमद बहुत कम रही।

राखी विक्रेताओं ने बताया कि लोग राखी खरीद रहे हैं, लेकिन पहले जिस प्रकार महंगी और आकर्षक राखी की मांग होती थी, इस बार ऐसा नहीं रहा। पर्व की रस्म निभाने के लिए लोग खरीदारी करते दिखे। कोरोना संक्रमण के कारण कंटेनमेट क्षेत्र में दुकानों को खोलने की इजाजत नहीं रही। जबकि ज्यादातर दुकानें इसी जान में आती हैं। जिससे राखी विक्रेताओं के कारोबार पर असर पड़ा है। चौक, शाहगंज, बस स्टेशन इलाके में कारोबारी अपनी दुकानें खोल ग्राहकों का इंतजार करते रहे।

ग्रामीणांचल में भी कंटेंमेंट जोन के छोड़कर कस्के की दुकानें खुली व खरीदारी भी हुई। कादीपुर, बरौंसा, कूरेभार, चांदा, कुड़वार, अलीगंज, बंधुआकला, भदैया, बल्दीराय, मोतिगरपुर, पांडेयबाबा, करौदीकला आदि बाजारों में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की देखरेख में राखी व मिठाई की दुकानें खुली रहीं।

घर पर राखी बना रहीं बहनें : शहर व आसपास का क्षेत्र कंटेंटमेंट जोन होने के कारण पूरा नगरपलिका क्षेत्र बंद है। जिसके चलतें रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए बहनों ने घर पर ही राखियां तैयार कर ली। उन्हीं को भाइयों की कलाई में बांध कर उनसे अपनी सुरक्षा का बचन लेंगी। स्वाति साहू, नंदिनी और सिमरन कहती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि लोग आपदा को अवसर में बदलें। उसी से प्रेरणा लेकर वह सब राखी स्वयं बना डालीं।

Posted By: Jagran

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