मानहानि के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आठ वर्ष बाद मिला न्याय, सुल्तानपुर MP-MLA कोर्ट ने किया बाइज्जत बरी
Rahul Gandhi Acquitted: राहुल गांधी को भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर अगस्त 2028 में कर्नाटक में अभद्र ...और पढ़ें

रायबरेली से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

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डिजिटल डेस्क, सुल्तानपुर। रायबरेली से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लगभग आठ वर्ष पुराने एक मुकदमे में बड़ी राहत मिल गई है। उनको भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर अगस्त 2028 में कर्नाटक में अभद्र टिप्पणी के प्रकरण में मानहानि के मुकदमे में बरी कर दिया गया है। राहुल गांधी 30 मिनट कोर्ट परिसर में रहे और फैसले के बाद मीडिया से बात किए बिना वापस चले गए।
सुल्तानपुर में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने पक्ष और विपक्ष की दलीलों को सुनकर पत्रावली को निर्णय के लिए सुरक्षित कर लिया था। सोमवार को फैसले के समय कोर्ट में खुद राहुल गांधी मौजूद थे। यह मुकदमा कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की प्रेस वार्ता से संबंधित था, जिसमें आरोप था कि राहुल ने तात्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह के संबंध में विवादित बयान दिया था।
इसी बयान से आहत होकर स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दीवानी न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। मुकदमा कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की प्रेस वार्ता से संबंधित था। आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह के संबंध में राहुल गांधी ने एक विवादित बयान दिया था। इसी बयान से आहत होकर स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दीवानी न्यायालय में परिवाद दाखिल किया।
गवाहों व आरोपित के बयान के बाद प्रकरण कांग्रेस नेता की आवाज मिलान के बिंदु पर उच्च न्यायालय तक गया, लेकिन परिवादी की याचिका निरस्त हो गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल व अभियोजन के अधिवक्ता संतोष पांडेय की लम्बी बहस व कानूनी दलीलों के बाद दो पेशियों से शेष बहस में चल रहा था। 26 अक्टूबर को फैसला आया।

चार अगस्त 2018 को परिवाद
राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा नेता विजय मिश्र ने चार अगस्त 2018 को परिवाद दाखिल किया था। इसके बाद लगातार सुनवाई चलती रही। अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था, इसके बाद कांग्रेस नेता अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिल गई। इस केस में राहुल गांधी निजी मुचलके पर जमानत पर थे। अतिरिक्त सिविल जज शुभम वर्मा ने फैसला सुनाने के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की थी।
कांग्रेस के नेताओं ने बताया सत्य की जीत
सुल्तानपुर की विशेष MP/MLA कोर्ट से लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला खारिज होने पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना कहा कि यह तो सत्य की जीत है। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। यह फैसला न्यायपालिका में विश्वास और सत्य के संबल को और मजबूत करता है। सत्य की आवाज़ न कभी झुकी है, न कभी झुकेगी। नफरत और झूठ के हर आरोप के सामने संविधान, सत्य और न्याय की ताकत बुलंद रहेगी।
राहुल गांधी के मानहानि मामले में आए फैसले पर उप नेता राज्यसभा प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह सत्य की ताकत और न्याय में विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी के भीतर इंदिरा गांधी जी और राजीव गांधी जी का खून है। संघर्ष चाहे कितना भी कठिन हो, वे न्याय का रास्ता कभी नहीं छोड़ते। सत्य, साहस और संविधान के मूल्यों के साथ संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बहुत बड़ी जीत है ये सत्य की जीत है ये न्याय की जीत है। ये जीत उस योद्धा की है जो अपना सब कुछ लगाकर इस लोकतंत्र के लिए लड़ रहा है ये राहुल गांधी की जीत नहीं है ये देश की जीत है। सत्यमेव जयते ऐसे ही नहीं कहा गया है।
