हरीराम गुप्ता, सुलतानपुर: कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की दहशत जिले में साफ दिखाई देने लगी है। विदेशों में फैले इस संक्रमण से बचने के लिए लोग तेजी से अपने वतन वापस लौट रहे हैं। एयरपोर्ट अथारिटी से जिला प्रशासन को सौंपी गई विदेश से आने वाले व्यक्तियों की सूची में डेढ़ माह के भीतर ही कुल 309 लोग जिले में पहुंच चुके हैं।

इन प्रवासियों की तलाश कर जांच व क्वारंटाइन किए जाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। रोजी-रोजगार के सिलसिले में जिले के काफी संख्या में लोग खाड़ी, आफ्रीकी व अन्य देशों में रह रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका सहित 24 से ज्यादा देशों में ओमिक्रोन संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। तेजी से फैल रहे संक्रमण की वजह से सऊदी, कुबैत, अफगानिस्तान समेत अन्य खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों में भी चिता बढ़ गई है। देश को ओमिक्रोन से बचाया जा सके इसके लिए शासन की तरफ से प्रवासियों की पहचान कर जांच पड़ताल किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एएन राय ने बताया कि एयरपोर्ट अथारिटी की तरफ से जिले के रहने वाले 309 प्रवासियों की सूची सौंपी गई है। इसमें अक्टूबर माह में विभिन्न देशों से मात्र 71 लोग जिले में पहुंचे थे। नवंबर में खतरा बढ़ने पर प्रवासियों के जिले में लौटने की संख्या तकरीबन आठ गुना बढ़ गई। 16 से 30 नवंबर तक ही 238 लोग जनपद में पहुंच गए हैं। वहीं एक से 15 नवंबर तक की लिस्ट अभी एयरपोर्ट अथारिटी की ओर से सौंपी नहीं गई है। इस समयावधि में भी आने वालों की संख्या तकरीबन दो सौ के आसपास मानी जा रही है।

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ब्लाकवार भेजी जा रही प्रवासियों की सूची

डा. एएन राय ने बताया कि संक्रमण की रोकथाम के लिए एहतियातन प्रवासियों की लिस्ट ब्लाक के जिम्मेदारों को भेजी जा रही है। आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सफाई कर्मी, ग्राम प्रधान, सचिव के माध्यम से इनकी पहचान की जाएगी। आरटीपीसीआर जांच के बाद प्रवासियों को सात दिनों तक होम क्वारंटाइन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी सात दिनों तक कोविड गाइड लाइन का अनुपालन करने के लिए बाध्य किया जाएगा।

Edited By: Jagran