जागरण संवाददाता, सुलतानपुर :

मंगलवार देर रात मुहर्रम का चांद निलकने की पुष्टि होने के साथ ही शिया समाज गम में डूब गया। महिलाओं व पुरुषों ने काले लिबास धारण कर मातम व मजलिसों की तैयारी में लग गए। देर रात पहली मजलिस भी आयोजित की गई।

मोहर्रम बारह सितंबर से बारहवीं मुहर्रम 23 सितंबर तक चलेगा। 12 सितंबर को अमहट में पहली मजलिस हुसैनिया नौतामीर में सुबह सात बजे होगी। जिसे बिहार के मौलाना अबूजर अली संबोधित करेंगे। दूसरी मजलिस हुसैनिया अलीगढ़ में प्रात: दस बजे से होगी, जिसे लखनऊ के मौलाना अब्बास इरशाद, तीसरी मजलिस बारह बजे हुसैनिया अलीनगर में आयोजित की जाएगी। एक बजे हुसैनिया नजर अली शाह, तीन बजे हुसैनिया शेखखानी, चार बजे हुसैनिया बादल खां, सात बजे हुसैनिया मेड़ई खां, आठ बजे हुसैनिया बख्सी खां व इसी समय बडा इमामबड़ा व छोटा इमामबाड़ा तुराबखानी में मजलिस होगी। नौ बजे हुसैनिया ऊंचवा में मजलिस आयोजित की जाएगी। 13 सितंबर को रात में शेखखानी के इमामबाड़े में, 15 सितंबर को ऊंचवा के इमामबाड़े में, 16 सितंबर को ताजखानपुर के इमामबाड़े में, 17 सितंबर को तुराबखानी में, 18 सितंबर को ऊंचवा के इमामबाड़े व ऊसरा के इमामबाड़े में आयोजित किया जाएगा। नौ मोहर्रम को अंतिम जुलूस हुसैनिया बादल खां अमहट से निकलेगा। दस मोहर्रम को अमहट से ताजिए का जुलूस दिन में उठकर अमेठी रोड से उठकर कर्बला अमहट में समाप्त होगा। इसके अलावा सुरौली के अजाखाने अबूतालिब में मौलाना गजनफर सेथली, बडे इमामबाड़े में अली हैदर बंगलौर, मनियारपुर में मौलाना मुदब्बिर हुसैन संबोधित करेंगे। हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खान के मुताबिक हादी के इमामबाड़े में मौलाना सलमानअली जौनपुरी मजलिस पढ़ेंगे।

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