संवादसूत्र भदैंया (सुलतानपुर) : अस्सी गांवो में अन्न भंडारण करने के तरीके बताने को अभियान चलाकर किसानों को यूपीएल द्वारा आधुनिक तकनीकि का प्रयोग कर खेती से दुगना लाभ पाने की विधि की जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की फसलों व भंडारण की जानकारी दी। गोपालपुर गांव मेंयूपीएल किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे \Þदाना दाना कीमती है\Þ विषय के तहत 80 गांवों में किसानों को अन्न भंडारण की जानकारी व तरीके बताए गए। यूपीएल ही अमोनियम फास्फाइड बनाकर सरकार व एफसीआई व सरकारी संस्थाओं को अन्न भंडारण में दवाएं उपलब्ध कराती हैं। अब वह सीधे किसानों से मुखातिब होकर गेहूं की फसल को भंडारण करने के तरीके गांव गांव बताकर हर गांव में दो अन्न बचाओ मित्र की नियुक्ति भी कर रही है । कृषि विशेषज्ञों द्वारा फसलों के बीज बोने से लेकर फसलों के अन्न भंडारण में तकनीकि के प्रयोग की बात बताई गई । मौजूदा समय में धान के बीज को शोधित कर बुआई करने तथा मिट्टी मे कीड़ों की रोकथाम को फिप्रोनिल व कारटाप का प्रयोग तथा धान की पौध डालने के बाद खरपतवार नाशक तथा फफूंदीनाशक व कीटनाशकों बाइफेंथरीन आदि का प्रयोग करने की जानकारी क्षेत्रीय मैनेजर सौरभ शुक्ला ने दी। उन्होंने जल संरक्षण को अपने से चार सौ गुना ज्यादा पानी संरक्षित करने वाले उत्पाद वेज की जानकारी किसानों को दी। यूपीएल के व्यवसाइक प्रबंधक वीके ¨सह ने फसलों की पैदावार की सही रखरखाव व भंडारण की विशेष जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एलुमिनियम फास्फाइड का उत्पादन पूरे भारत में किया जाता है सरकारी व आइएफसी गोदामो में यूपीएल की दवाएं भंडारण में प्रयोग की जाती है। जिसमे पाउडर व टिकिया दोनो विधि का प्रयोग अनाज के भंडारण में होता है । इससे अनाज का नुकसान नहीं होता है तथा आधुनिक तकनीकि का सही प्रयोग कर नगदी फसलो में उचित दवाओं का सही मात्रा व सही समय पर प्रयोग कर किसान अपनी आय दुगनी कर सकता है। गोष्ठी में दर्जन भर प्रगतिशील किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर ब्रह्मराज पांडेय, दीपेश ¨सह, सौरभ शुक्ला, वीके ¨सह, अमित कुमार, रोहित कुमार सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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