सुलतानपुर : शहर के पश्चिमी छोर पर गोमती नदी के किनारे बसा करौंदिया मुहल्ला यूं तो दशकों पुराना है। शहर में बसने वाले लोगों में कुछ ऐसे भी हैं जो घरों को बनवाने के बाद उसे किराए पर दे दिए हैं। लोग एक-दूसरे से परिचित भी नहीं हैं। जिस गली में स्कूली बच्चों के अपहर्ता टिके थे और उनका कत्ल कर डाला, वो मकान भी रहस्यमयी है। आसपास के लोगों के अनुसार वहां संदेहजनक गतिविधियां चला करती थी। अंजान लोग, महिलाएं व लड़कियां अक्सर आते-जाते रहते थे।

क्या है मकान मालिक का कनेक्शन : पुलिस ने अभी इस ओर नजर ही नहीं डाली कि कैसे और किस संबंध के आधार पर अपहर्ताओं ने करौंदिया में शेरू के मकान को शरणस्थली के रूप में इस्तेमाल किया।

हो चुकी हैं बड़ी वारदातें : गल्ला मंडी निवासी एक बुक सेलर के बेटे को ढाई वर्ष पूर्व अगवा कर करौंदिया के एक मकान में ठिकाने लगा दिया गया था। वह भी मामला फिरौती से जुड़ा था। जबकि ओवरब्रिज पर दिनदहाड़े तोषू मिश्रा के भाई को गोली मारी गई थी।

Posted By: Jagran

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