सुलतानपुर : गोसाईंगंज थानाक्षेत्र के द्वारिकागंज से छात्रों के अपहरण व हत्या की सनसनीखेज वारदात ने जिलेवासियों को हिलाकर रख दिया। इस जघन्य घटना ने दो वर्ष पूर्व (20 दिसंबर 2016) कोतवाली देहात क्षेत्र में हुए बंटी-बबली अपहरण कांड की कड़वी यादों को ताजा कर दिया है। जिसमें फिरौती के लिए बरुई (झौवारा) निवासी ब्रह्मदत्त चतुर्वेदी के सात वर्षीय बेटे रूपेश को लम्भुआ कोतवाली के गोपालपुर गांव निवासी उनके रिश्तेदार बृजेश शुक्ला ने ही अपनी पत्नी सुजाता व साली शालिनी के साथ मिलकर अगवा कर लिया था। तत्कालीन एसपी पवन कुमार की सूझबूझ व रणनीति से पुलिस ने शिलांग (मेघालय) से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था। अपहरणकर्ताओं को भी पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। करीब चार माह पहले मुख्य आरोपी बृजेश ने अमहट जेल में फांसी लगाकर खुदकशी कर ली थी। उसकी पत्नी और साली फैजाबाद मंडल कारागार में बंद हैं। यह मामला बंटी-बबली अपहरण कांड के नाम से चर्चित हुआ था।

Posted By: Jagran

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