पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दिखा वायुसेना का पराक्रम, जगुआर-मिराज और सुखोई समेत कई फाइटर जेट ने दिखाए करतब
Air Force Combat Exercise: वायुसेना के जवानों ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एयर स्ट्रिप पर टच एंड गो के साथ युद्ध में होने वाली कई विधाओं को दिखाया।
HighLights
हजारों लोगों ने देखा वायुसेना के जवानों का शौर्य
जगुआर, मिराज सुखोई सहित कई फाइटर जेट के करतब को लोगों ने देखा
आसमान में लड़ाकू विमानों ने दिखाया करतब, पायलटों के कौशल का भी प्रदर्शन
जागरण संवाददाता, सुलतानपुर। प्रचंड धूप और गर्मी में भी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार को दोपहर में वायुसेना के जवानों युद्ध का अभ्यास किया। यहां पर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एयर स्ट्रिप पर वायुसेना के जवानों का करतब देखने को हजारों लोग सड़क के किनारे एकत्र थे। इस एयरस्ट्रिप का उद्घाटन 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। इससे पहले भी यहां कई बार ऐसे अभ्यास हो चुके हैं।
वायुसेना के जवानों ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एयर स्ट्रिप टच एंड गो के साथ युद्ध में होने वाली कई विधाओं को दिखाया। इस दौरान जगुआर, मिराज सुखोई सहित कई फाइटर जेट के करतब को लोगों ने देखा। यहां पर चार किलोमीटर की परिधि में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
सुलतानपुर में अरवल कीरी करवत में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बनी 3.2 किमी की हवाई पट्टी पर वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने करतब दिखाया। आसमान में उनकी कलाबाजियां भी देखने को मिलीं और पायलटों के कौशल का प्रदर्शन को सभी ने सराहा। यहां पर पहले चरण में अभ्यास दो से पांच बजे तक हुआ। युद्ध अभ्यास में नौ से अधिक लड़ाकू विमान शामिल हैं।
भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, जगुआर और तेजस जैसे फाइटर जेट्स के साथ सी-295 और एएन-32 जैसे परिवहन विमान पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की करीब 3.2 किलोमीटर लंबी स्ट्रिप पर एयरस्ट्रिप पर युद्धाभ्यास कर रहे हैं। इस दौरान फाइटर जेट्स ‘टच एंड गो’ ड्रिल कर रहे हैं, वहीं एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर से स्पेशल फोर्सेस की स्लिदरिंग एक्सरसाइज भी हो रही है।
वायुसेना के इस अभ्यास का मकसद आपातकाल की स्थिति में हाईवे को रनवे के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी को परखना है। यह एयरस्ट्रिप खास तौर पर भारी लड़ाकू विमानों के लिए बनाई गई है, जिसकी मोटाई 320 मिमी है। युद्ध के समय यह हाईवे वायुसेना के लिए बैकअप रनवे का काम करता है, ताकि जरूरत पड़ने पर यहां से भी ऑपरेशन जारी रखे जा सकें। इस एयर शो को देखने के लिए स्थानीय लोग बड़ी संख्या में छतों और खुले स्थानों पर जुटे।
