जासं, शक्तिनगर (सोनभद्र) : एनटीपीसी सिगरौली विद्युत गृह ओल्ड इज गोल्ड की कहावत को चरितार्थ कर रहा है। वर्ष 2019-20 में 86.29 पीएलएफ के साथ सिगरौली पूरे एनटीपीसी में दूसरे स्थान पर है। 89-55 पीएलएफ के साथ सिगरौली को एनटीपीसी थर्मल में भी दूसरा स्थान मिला है।

यह बातें गुरुवार को गेस्ट हाउस में पत्रकारों को जानकारी देते हुए मुख्य महाप्रबंधक देबाशीष चट्टोपाध्याय ने कहा कि सिगरौली विस्तार की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। लोक सुनवाई हो चुकी है, पर्यावरण स्वीकृति के लिए मंत्रालय में विचाराधीन है। संभावना है कि आठ सौ मेगावाट की दो यूनिटों का कार्य वित्तीय वर्ष में चालू हो जाएगा। ये यूनिट की उच्च दक्षता वाली होगी। जिसमें बिजली उत्पादन के लिए कम कोयला की खपत होगी। नई यूनिट लगने से आसपास के क्षेत्र में विकास एवं रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होगी। यूनिट को लगाने में जमीन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। परियोजना विद्युत उत्पादन के साथ सस्ती बिजली, राख उपयोग, पर्यावरण सुरक्षा, सामाजिक दायित्व के प्रति संकल्पित हैं। राख उपयोग के लिए सीमेंट फैक्ट्री स्थापित करने की संभावनाएं इस क्षेत्र में तलाशी जा रही हैं। जन कल्याणकारी कार्यो के लिए एनटीपीसी कटिबद्ध है। खड़िया मोड़ से कोटा गेट तक सड़क निर्माण का टेंडर हो चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होंगा। वार्ता में ऐश पांड अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार बनाने, पिपरी के पास मकरा लाइन एरिया मे राख भरने, पुरानी यूनिटो को समाप्त न करने, एफजीडी जल्दी करने, पर्यावरण, सीएसआर आदि पर सुझाव दिये गए। जिस पर प्रबंधन ने पूरा ध्यान देने का आश्वासन दिया। सभी ने प्रांगण मे पौधरोपण भी किया। अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन अनिल कुमार जाडली ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए सभी का स्वागत करते हुए कंपनी तथा स्टेशन की प्रगति पर जानकारी दी। संयोजन उपमहाप्रबंधक मानव संसाधन पुरूषोत्तम लाल एवं संचालन कर रहे पीआरओ आदेश पांडे ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक एससी नायक भी उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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