सोनभद्र में मिशन शक्ति से महिलाओं को करेंगे जागरूक, स्मार्ट पुलिसिंग से अपराध नियंत्रण पर जोर
सोनभद्र की अपर पुलिस अधीक्षक मेविस टाक ने स्मार्ट पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और आमजन तक पहुंच बढ़ाने को प्राथमिकता बताया ...और पढ़ें

सोनभद्र पुलिस की नई रणनीति: स्मार्ट पुलिसिंग से अपराध नियंत्रण, मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा पर जोर।
HighLights
स्मार्ट पुलिसिंग और जनभागीदारी से अपराध नियंत्रण सोनभद्र की प्राथमिकता।
मिशन शक्ति से महिलाओं को जागरूक कर अपराधों की रोकथाम।
साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाना लक्ष्य।
मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, सोनभद्र। भौगोलिक क्षेत्रफल के लिहाज से बड़ा और चार राज्यों की सीमाओं से सटा सोनभद्र पुलिस के लिए कई चुनौतियां पेश करता है। हालांकि, यहां काम करने की संभावनाएं भी व्यापक हैं। पुलिस की प्राथमिकता स्मार्ट पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और आमजन तक पहुंच बढ़ाने की होगी।
मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं और युवतियों को जागरूक कर अपराधों की रोकथाम का प्रयास किया जा रहा है। साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के साथ यातायात नियमों के पालन तथा पैदल गश्त को भी प्रभावी बनाया जाएगा। पिछले माह सोनभद्र में तैनाती पाने वाली अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) मेविस टाक से दैनिक जागरण साेनभद्र के वरिष्ठ संवाददाता मुकेश चंद्र श्रीवास्तव ने बात की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश...
प्रश्न : सोनभद्र से पहले आप बांदा में तैनात थीं। दोनों जिलों में क्या समानताएं और चुनौतियां नजर आईं?
उत्तर : बांदा और सोनभद्र दोनों खनन क्षेत्र हैं, लेकिन भौगोलिक क्षेत्रफल के लिहाज से सोनभद्र काफी बड़ा है। ऐसे में जिले के प्रत्येक गांव और क्षेत्र तक पहुंच बनाना एक चुनौती है। अभी सभी क्षेत्रों में नहीं पहुंच पाई हूं, लेकिन धीरे-धीरे हर इलाके तक पहुंचने का प्रयास रहेगा। पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यातायात नियमों के पालन, साइबर अपराध से बचाव और पुलिस बल की पैदल गश्त पर विशेष जोर दिया जाएगा।
प्रश्न : सोनभद्र में किशोरियों और महिलाओं की आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय हैं। क्या प्रयास होंगे?
उत्तर : यह एक संवेदनशील विषय है। किशोरियों और महिलाओं को मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्याओं तथा अन्य परेशानियों से उबरने के लिए जागरूक करना जरूरी है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर रहेगा। मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी जा रही है।
प्रश्न : साइबर अपराध बढ़ रहे हैं और सीमावर्ती जिले में मादक पदार्थों की तस्करी भी चुनौती है?
उत्तर : पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। साइबर फ्राड से बचाव के लिए लोगों को जागरूक होना होगा। किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। सोनभद्र की सीमाएं कई राज्यों से लगती हैं, इसलिए मादक पदार्थों के अवैध परिवहन पर निगरानी रखना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न : स्मार्ट पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण को लेकर आपकी प्राथमिकताएं क्या रहेंगी?
उत्तर : हमारी प्राथमिकता ऐसी पुलिसिंग की है, जिसमें तकनीक के साथ जनसहभागिता को भी महत्व मिले। अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के साथ लोगों को जागरूक करना जरूरी है। यातायात नियमों का पालन कराने, साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी देने और पैदल गश्त के माध्यम से लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने पर जोर रहेगा।
प्रश्न : आपकी शिक्षा कहां हुई और सिविल सेवा में आने की प्रेरणा कैसे मिली?
उत्तर : मैं मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले की रहने वाली हूं। मेरी स्कूली शिक्षा वहीं हुई। इसके बाद मुंबई से स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। यूपीएससी की तैयारी मुंबई के साथ नई दिल्ली में भी की। वर्ष 2021 में यूपीएससी की परीक्षा में 386 वीं रैंक हासिल की। पहली तैनाती बरेली में हुई, इसके बाद बांदा में कार्य किया और अब सोनभद्र में जिम्मेदारी मिली है।
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