जागरण संवाददाता, शक्तिनगर (सोनभद्र) : एनटीपीसी शक्तिनगर आवासीय परिसर स्थित विवेकानंद प्राथमिक विद्यालय में साहित्यिक, सामाजिक संस्था सोन संगम द्वारा कथा सम्राट प्रेमचंद की जयंती पर विचार गोष्ठी एवं काव्य संध्या का आयोजन किया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर महाप्रबंधक आलोक चंद्र ठाकुर एनटीपीसी रामागुंडम ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा कि प्रेमचंद कथा साहित्य के सूर्य थे। डा. मानिक चंद पांडेय ने कहा कि प्रेमचंद ने युगीन यथार्थ को अपनी कहानियों एवं उपन्यासों का विषय बनाया। विवेकानंद प्राथमिक विद्यालय के प्रबंधक सुजीत कुमार सिंह ने प्रेमचंद को ग्रामीण जनजीवन का कुशल चितेरा निरूपित किया। उमेश चंद्र जायसवाल, डा. छोटेलाल जायसवाल, सुरेंद्र दुबे ने भी अपने विचार रखते हुए प्रेमचंद की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। काव्य संध्या में धनंजय कुमार धीर ने हर डाल पे झूलें कलियां सावन के महीने में' की प्रस्तुति दी। कवि पाणि पंकज पांडेय ने तुम्हारा प्रिये, तुम मेरी प्रेयसी की प्रस्तुति कर प्रेम की गहनता को स्वर दिया। माहिर मिर्जापुरी ने श्रृंगारपरक रचनाओं और कजलियों की रोचक प्रस्तुती दी। आलोक चंद्र ठाकुर ने कवि और उसके रचना से समाज में सृजनधर्मियों की महत्ता को रेखांकित किया। योगेंद्र मिश्र ने 'जीवन क्या है, गिरना और संभलना है, सांसों की डोरी पर नट-सा चलना है' आदि गीतों से विविध रंगों को अभिव्यक्त किया। सुरेश गिरि प्रखर, रमाकांत पांडेय एवं शोभनाथ सिंह यादव ने सशक्त काव्य पाठ किया। गोष्ठी एवं काव्य संध्या के इस अवसर पर राजीव कुमार, अश्विनी तिवारी, अनिल चतुर्वेदी, डा. दिनेश कुमार, मनोज कुमार, संतोष कुमार सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

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