विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए सोनभद्र को मिले 1700 करोड़, 109 गांवों की 2019.64 हेक्टेयर जमीन की खरीद होगी
विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए सोनभद्र जिले को भूमि अधिग्रहण हेतु 1700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह एक्सप्रेसवे ...और पढ़ें

विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए सोनभद्र को मिले 1700 करोड़, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी।
HighLights
सोनभद्र को विंध्य एक्सप्रेसवे भूमि खरीद हेतु 1700 करोड़ मिले।
109 गांवों की 2019.64 हेक्टेयर भूमि परियोजना में शामिल।
खनिज और औद्योगिक परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में शासन ने बड़ा कदम बढ़ाया है। प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित विन्ध्य एक्सप्रेसवे के लिए जिले को भूमि क्रय के मद में 1700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। चार जिलों के लिए कुल 7,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। हालांकि, बजट आवंटन का अर्थ जमीन की खरीद पूरी होना या निर्माण शुरू होना नहीं है। अब परियोजना की असली चुनौती भूमि सत्यापन, मूल्यांकन और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।
109 राजस्व गांवों की 2019.64 हेक्टेयर भूमि आएगी दायरे में
सोनभद्र में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 109 राजस्व गांवों की करीब 2019.64 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसमें निजी, ग्रामसभा और अन्य श्रेणी की जमीन शामिल होगी। भूमि क्रय की प्रक्रिया में अभिलेखों का मिलान, स्वामित्व की पुष्टि और मौके पर सत्यापन महत्वपूर्ण होगा। शासन की ओर से आवंटित 1,700 करोड़ रुपये इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अहम माने जा रहे हैं।
दुद्धी के 19 गांवों में जमीन की पड़ताल, वन भूमि भी जांच के दायरे में
जिले में भूमि संबंधी तैयारियां राजस्व स्तर पर शुरू हैं। दुद्धी तहसील क्षेत्र के 19 राजस्व गांवों में भूमि सर्वे और सत्यापन कराया जा रहा है। इसमें वन भूमि, काश्तकारों की निजी जमीन और ग्रामसभा की भूमि की वास्तविक स्थिति का अभिलेखों से मिलान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आगे मुआवजा निर्धारण और भूमि खरीद के दौरान विवाद व अभिलेखीय गड़बड़ियों की आशंका को कम करना है।
खनिज और औद्योगिक परिवहन को मिलेगी रफ्तार
प्रयागराज से भदोही, मीरजापुर होते हुए सोनभद्र तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे विंध्य क्षेत्र को प्रदेश के प्रमुख सड़क नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। परियोजना पूरी होने पर जिले में आवागमन सुगम होने के साथ खनिज और औद्योगिक गतिविधियों के परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है।
शासन से बजट का आवंटन कर दिया गया है। 1700 करोड़ रुपये जनपद को मिला है। प्राथमिकता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
चर्चित गौड़, जिलाधिकारी।