जागरण संवाददाता, घोरावल (सोनभद्र): स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के मधका गांव निवासी संतोष (35) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार को मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में रेलवे लाइन के किनारे मिला। संतोष अपने माता-पिता की एकमात्र संतान थे। उनके शरीर में कई जगह कटे के निशान व गले में निशान पड़ा है। आशंका जताई जा रही है कि उनकी चाकू मारकर व गले में पट्टा से कसकर हत्या कर दी गई।

बुधवार को उनका शव गांव आया तो स्वजन में कोहराम मच गया। उनकी हत्या क्यों हुई, स्वजन इसका पता लगा रहे हैं। संतोष पुत्र कांता ने अपने स्वजनों को बताया था कि किसी ठेकेदार ने उसे वाराणसी बुलाया था कि उसे काम करने के लिए आगरा जाना है। इस पर वह अपने गांव के ही दो लोग राजकुमार व शुदिया को लेकर मीरजापुर गए। वहां से तीनों ट्रेन पकड़ कर आगरा गए।

दो दिन तक जब ठेकेदार आगरा नहीं पहुंचा तो राजकुमार व शुदिया घर लौट आए जबकि संतोष वहीं रूका रहा। फिर अचानक बुधवार को उसका शव मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रेलवे पटरी के किनारे मिला। मृतक की पहचान वहां की पुलिस को मृतक के पास से मिली डायरी के आधार पर की। इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने मृतक के स्वजन को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे स्वजन बुधवार को ही शव मधका गांव स्थित घर लौट आए। मधका के ग्राम प्रधान गोविद सिंह ने बताया कि संतोष का शव मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रेलवे लाइन के किनारे मिला। उसकी चाकू मारकर और गले में पट्टा डाल कर हत्या किया गया था। इस संबंध में एफआईआर दर्ज किया जा चुका है।

संतोष आगरा से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में कैसे पहुंचा और उसकी हत्या क्यों हुई, इन सबको लेकर स्वजन परेशान हैं। उनका कहना है कि उसकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी। फिर हत्या क्यों हुई इसका पता नहीं चल रहा है। इस संबंध में घोरावल कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक देवतानंद सिंह ने बताया कि घटना मध्य प्रदेश में हुई है। इसलिए उनके स्तर से इस मामले में कोई जांच नहीं की जा रही है।

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