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सोनभद्र में रिहंद बांध का जलस्तर 6 दिन में 11.4 फीट बढ़ा, कभी भी खोले जा सकते हैं गेट

Published: Thu, 20 Aug 2026 05:51 PM (GMT+05:30)

रिहंद बांध का जलस्तर पिछले छह दिनों में 11.4 फीट बढ़कर 862.3 फीट हो गया है, जो कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश के कारण हुआ है।

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HighLights

  1. रिहंद बांध का जलस्तर छह दिन में 11.4 फीट बढ़ा।

  2. वर्तमान जलस्तर 862.3 फीट, अधिकतम क्षमता के करीब।

  3. फाटक खोलने की नौबत आने पर निचले इलाकों में सतर्कता।

जागरण संवाददाता, सोनभद्र। जनपद सहित सीमावर्ती राज्यों के कैचमेंट एरिया में हो रही बारिश से रिहंद बांध के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। पिछले छह दिनों में जलस्तर 11.4 फीट बढ़ा है। गुरुवार सुबह बांध का जलस्तर 862.3 फीट दर्ज किया गया। हालांकि अधिकतम भंडारण क्षमता से करीब 10 फीट कम है।

14 अगस्त को जलस्तर 850.9 फीट था। इस तरह औसतन प्रतिदिन करीब 1.9 फीट की वृद्धि दर्ज की गई है। लगातार बारिश और तेज आवक बनी रही तो आने वाले दिनों में जलाशय अधिकतम भंडारण स्तर के करीब पहुंच सकता है। कैचमेंट एरिया में बारिश का दौर जारी रहने पर जलाशय का जलस्तर तेजी से और बढ़ सकता है।

ऐसी स्थिति में बांध प्रबंधन को अतिरिक्त पानी की निकासी करनी पड़ सकती है। आवश्यकता पड़ने पर फाटक खोलकर जलस्तर नियंत्रित करने की संभावना भी बन सकती है। इसे देखते हुए नदी के निचले और तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाना जरूरी होगा।

जल विद्युत व तापीय परियोजनाओं को मिलेगी राहत

रिहंद में पर्याप्त पानी बिजली उत्पादन के लिहाज से राहत देने वाला है। जलस्तर बढ़ने से रिहन्द जल विद्युत परियोजना में जल उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं ओबरा समेत आसपास की तापीय बिजली परियोजनाओं में विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए भी जलाशय का पानी उपयोगी है। पर्याप्त भंडारण से आगामी महीनों में जल उपलब्धता मजबूत रहने की संभावना है।

निचले इलाकों में बढ़ानी होगी निगरानी

जलस्तर बढ़ना जल संसाधन और विद्युत उत्पादन के लिए सकारात्मक है, लेकिन अधिकतम क्षमता के करीब पहुंचने पर निचले क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौती बन सकती है। संभावित जल निकासी को देखते हुए जिला प्रशासन और बांध प्रबंधन को नदी किनारे रहने वाले लोगों को समय रहते चेतावनी जारी करनी होगी। लोगों को नदी से दूर रहने और जलस्तर की स्थिति पर नजर रखने की सलाह देना जरूरी होगा।

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