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सोनभद्र समेत पूर्वांचल के 10 जिलों में प्रायोगिक पढ़ाई पर जोर, मिट्टी-पानी परीक्षण, अचार और खिलौने बनाने का मिलेगा प्रशिक्षण

Published: Sun, 18 Oct 2026 06:07 PM (IST)

पूर्वांचल के 10 जिलों के 270 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 'लर्निंग बाई डूइंग' कार्यक्रम के लिए 1.08 करोड़ रुपये आवंटित ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

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HighLights

  1. पूर्वांचल के 10 जिलों में 'लर्निंग बाई डूइंग' कार्यक्रम।

  2. 270 विद्यालयों को 1.08 करोड़ रुपये का आवंटन।

  3. छात्रों को मिट्टी परीक्षण, खिलौने बनाने का प्रशिक्षण।

जुल्फेकार हैदर खान, सोनभद्र। पूर्वांचल के 10 जनपदों के 270 उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालयों को लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम के लिए एक करोड़ आठ लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। चयनित प्रत्येक विद्यालय को 40-40 हजार रुपये खर्च करने होंगे। इससे बच्चों में किताबी ज्ञान के साथ ही प्रयोग के जरिए सीखने पर जोर दिया जाएगा।

उन्हें विभिन्न तरह के प्रयोग कराए जाएंगे। एलईडी टार्च, दूरदर्शी टेलीस्कोप, सोलर कार, सोलर कुकर, प्लास्टिक बोतल से खिलौने बनाने की सीख दी जाएगी। इसके लिए विंध्याचल मंडल के सोनभद्र जनपद में 20, मीरजापुर में 23 और भदोही जनपद में 14 विद्यालय चिह्नित किये गए हैं।

सोनभद्र को आठ लाख, मीरजापुर को नौ लाख 20 हजार और भदोही को पांच लाख 60 हजार रुपये आवंटित किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय विद्यार्थियों को गतिविधियों पर आधारित शिक्षा देकर उन्हें रोचक ढंग से पढ़ाई कराने पर जोर दे रहा है।

नए शैक्षिक सत्र में पूर्वांचल के 10 जनपदों सोनभद्र, वाराणसी, मीरजापुर, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़, बलिया और भदोही में लर्निंग बाई डूइंग योजना के तहत एक करोड़ आठ लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे छात्र मिट्टी व पानी का परीक्षण, गुड़ व मूंगफली की चिक्की बनाना, विद्यालय में औषधीय पौधों के उद्यान विकसित करना, फल व सब्जियों से अचार बनाना, कढ़ाई-सिलाई और मोबाइल प्रोजेक्टर आदि तैयार करेंगे।

झालर, पेंटिंग, वर्मी कंपोस्ट बनाने का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
लर्निंग बाई डूईंग कार्यक्रम के तहत चयनित विद्यालयों के बच्चों को झालर, पेंटिंग, वर्मी कंपोस्ट बनाने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें स्मार्ट फोन के लिए प्रोजेक्टर बनाने, वाद्ययंत्र बनाने, कढ़ाई करने, प्राकृतिक रंग बनाने आदि की भी जानकारी दी जाएगी। इस पर प्रयोग भी कराया जाएगा।

चयनित विद्यालयों में 40 तरह के मॉडल तैयार किए जा सकेंगे। इन माडलों को बनाने के लिए सामग्री 40-40 हजार रुपये से खरीदी जाएगी। माडल बनाने के लिए सामग्री खरीदने को 40-40 हजार रुपये हर विद्यालय को दिए गए हैं। सभी बीएसए को इस योजना को बेहतर तरीके से क्रियान्वित कराने को कहा गया है।

लर्निंग बाई डूईंग कार्यक्रम के लिए जनपद के 20 विद्यालय चयनित किये गए हैं। प्रत्येक विद्यालय को प्रयोगात्मक सामान की खरीद के लिए 40-40 हजार रुपये आवंटित होंगे। नवंबर से इस पर कार्य शुरू कराया जाएगा। - मुकुल आनंद पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी।

जनपद चयनित विद्यालयों की संख्या आवंटित धनराशि

जनपद चयनित विद्यालयों की संख्या आवंटित धनराशि
सोनभद्र 20 8.00 लाख
वाराणसी 22 8.80 लाख
मीरजापुर 23 9.20 लाख
मऊ 19 7.60 लाख
जौनपुर 42 16.80 लाख
गाजीपुर 32 12.80 लाख
चंदौली 20 8.00 लाख
आजमगढ 44 17.60 लाख
बलिया 34 13.60 लाख
भदोही 14 5.60 लाख

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