जासं, ओबरा (सोनभद्र) : मध्यप्रदेश से चल रहे फर्जी परमिट पर अवैध बालू परिवहन के खिलाफ ओबरा वन प्रभाग द्वारा छेड़ा गया अभियान खतरनाक हो सकता है। खासकर सोन नदी के तटवर्ती 25 किलोमीटर के दुर्गम क्षेत्रों में बालू माफिया द्वारा बड़े नेटवर्क के साथ काम करने को देखते हुए वनकर्मियों के लिए दिक्कतें बढ़ते जा रही हैं।ऐसे में मध्य प्रदेश की सीमा तक गश्त करने के दौरान चिताजनक स्थिति बनी रह रही है।

वन उड़ाका दल प्रभारी टीपी सिंह ने बताया कि रात में गश्त के दौरान में चार से छह की संख्या में चार पहिया गाड़ी और आठ से 10 की संख्या में मोटरसाइकिल द्वारा गश्त टीम का पीछा किया जाता है। एक चार पहिया वाहन में तो खनन माफिया प्रिटर लेकर के चलते हैं, जहां हम लोग पकड़ने की कोशिश करेंगे तुरंत मध्य प्रदेश की परमिट स्कैन करके थमा देते हैं। बताया कि पुलिस इसके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है। गौरतलब है कि बीते 24 सितम्बर को भी वन विभाग की सख्ती से नाराज बालू माफिया ने वन विभाग की टीम पर हमले का प्रयास किया था। जुगैल थानान्तर्गत चौरा तिराहे पर गश्त पर निकली टीम से चोपन की ओर से आई सफेद स्कार्पियो सवार लोगों ने कहासुनी की। वन विभाग के एसडीओ सहित टीम द्वारा मोर्चा लेने पर उक्त लोग रिवाल्वर लहराते हुए फरार हो गये थे लगातार तीसरे दिन पकड़ा गया ट्रक

वन उड़ाका दल द्वारा लगातार तीसरे दिन शनिवार देर रात जुगैल रेंज में अवैध बालू परिवहन कर रहे ट्रक को फर्जी परमिट के साथ पकड़ा गया। ट्रक को सीज कर दिया गया। शुक्रवार देर रात भी गश्त के दौरान वन विभाग की उड़ाका दल टीम ने दो टीपर पकड़ा था। गुरुवार को बिना परमिट के अवैध बालू परिवहन कर रही एक ट्रक और एक टीपर को पकड़ा गया था।

Posted By: Jagran

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