जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र) : ओबरा आये उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक डा. सेंथिल पांडियन सी ने कहा कि ओबरा परियोजना के संचालन के लिए फंड में आ रही कमी को दूर किया जायेगा। इकाइयों के अनुरक्षण और मरम्मत के साथ संविदाकारों के बकाये को कम करने के लिए फंड की व्यवस्था की जायेगी। बताया कि 23 सितंबर को 12 वीं इकाई को ¨सक्रोनाइज किया जायेगा। इसके अलावा अगस्त 2019 में 13 वीं इकाई का आरएंडएम पूरा किया जायेगा। कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं में कटौती के संबंध में बताया कि अभी उन्होंने पदभार ग्रहण किया है, जल्द इस मुद्दे पर विशेष ध्यान देंगे।

इस दौरान निदेशक (तकनीकि) इं. वीएस तिवारी भी मौजूद रहे। दोदिवसीय दौरे के दौरान मंगलवार व बुधवार को स्थानीय ओबरा तापीय परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर मशीनों तथा ओबरा-सी के निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए मेसर्स बीएचईएल, मेसर्स दूसान तथा ओबरा तापीय परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठक कर गहन मंत्रणा की। इकाइयों के जीर्णोद्धार व निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु केचप प्रोग्राम बनाकर राउंड द क्लाक कार्य कराकर समय से कार्य निष्पादित कराने का सख्त निर्देश दिया। इस दौरान तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. एके ¨सह, महाप्रबंधक (निर्माण) इं. कैलाश गुप्ता, महाप्रबंधक(प्रशासन) इं. कृष्ण मोहन, मेसर्स दूसान पावर सिस्टम के जीएम (प्ला¨नग) सीएम जंग साइट, मैनेजर बीसी ¨कम, महाप्रबंधक ब इं. डीके मिश्र, अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कामगार संगठनों ने दिया ज्ञापन 

नवनियुक्त प्रबंध निदेशक का वीआइपी गेस्ट हाउस में अभियंता संघ, अधिकारी एसोसिएशन सहित तमाम संगठनों ने स्वागत एवं अभिनंदन करने के साथ ज्ञापन दिया।अभियंता संघ ओबरा के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर सकारात्मक कार्रवाई की मांग की। प्रबंध निदेशक ने अभियंताओं की मांग पर जरूरी कार्रवाई का भरोसा देते हुए बताया कि निगम के तकनीकि अधिकारियों से बेहतर उत्पादन हेतु सुझाव लेकर यूनिटों को कम उत्पादन लगात पर कम ट्रि¨पग के साथ अधिकतम पीएलएफ पर विद्युत उत्पादन का प्रयास किया जायेगा। वार्ता के दौरान श्री वर्मा ने कहा कि 2007 के बाद नियुक्त सहायक अभियंताओं की अंतिम वरिष्ठता सूची अविलंब जारी करने, 2008 के बाद के सहायक अभियंताओं की नियमितीकरण आदेश जारी करने,वेतन भत्तों का पुनरीक्षण करने, निर्माणाधीन परियोजना में नए पदों के सृजन करने, परियोजनाओं में अनुरक्षण कार्यों एवं महत्वपूर्ण स्पेयर पा‌र्ट्स आदि हेतु धन उपलब्ध कराने, निगम में प्रबंधन द्वारा अभियंताओं पर एकतरफा दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने आदि मांगों पर प्रबंधन व प्रदेश सरकार सकारात्मक पहल करे ताकि ऊर्जा हित में काम हो सके। ओबरा में फंड की भारी कमी, नए पदों के सृजन सहित अन्य समस्याओं पर प्रबंध निदेशक ने सकारात्मक कार्रवाई करने का भरोसा भी दिया। इस दौरान यूसी मिश्र, राजीव कुमार, अवधेश ¨सह, आरके ¨सह, बीएन ¨सह, पीडी द्विवेदी, मनीष तिवारी, सिद्धार्थ ¨सह, संजय शुक्ला, कलीम सहित कई पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

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