जागरण संवाददाता,कोन (सोनभद्र): अवैध बालू खनन की शिकायत पर हुई छापेमारी में पुलिस व प्रशासनिक टीम ने सोन नदी के किनारे हर्रा में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान बालू के खनन में लगी मशीनों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। इस दौरान मौके से दो लोगों को हिरासत में भी लिया। जांच टीम की रिपोर्ट पर खनन विभाग ने बरहमोरी बालू साइड के खदान मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। ग्रामीणों की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई से अन्य क्षेत्रों के भी अवैध खननकर्ताओं में हड़कंप मच गया।

कोन थाना क्षेत्र के हर्रा में अवैध खनन की कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की थी। उसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक किरीट राठोड बुधवार की शाम करीब सात बजे खनन क्षेत्र में पहुंच गये। वहां रखे बालू के बारे में पड़ताल की। देखा कि बालू गिला है। इससे अंदाजा लगाया गया कि तत्काल खनन करके बालू डंप किया गया है। इस दौरान मौके से दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा तो उन लोगों ने खनन के बारे में जानकारी दी। इस दौरान मौके से पुलिस ने तीन नाव, एक पंपिग सेट, एक पोकलैन मशीन व चार हाइवा को भी कब्जे में लिया। एसपी ने खनन विभाग व एसडीएम सदर को मौके पर बुलाकर जरूरी कार्रवाई कराते हुए बरामद मशीनों व वाहनों को सीज करा दिया। इसके साथ ही अवैध खनन के मामले में पुलिस ने बरहमोरी बालू साइड के मालिक प्रवीण कुमार निवासी पूरब टोला जिला बलरामपुर के साथ ही अश्विनी कुमार निवासी कोटा, भानू प्रताप निवासी पड़रक्ष चोपन के खिलाफ कोन थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया। सीओ ओबरा केजी ¨सह ने बताया कि तीन लोगों पर एफआइआर दर्ज किया गया है। नाव की मदद से होता था खनन

कोन थाना क्षेत्र के हर्रा में बालू के अवैध खनन का तरीका बड़ा ही अजीब था। आलम यह था कि यहां खननकर्ता नाव पर पंपिग सेट को लादते थे। इसके बाद नदी में उतर जाते थे। पंपिग सेट के सेक्शन पाइप के जरिए नदी से बालू व पानी एक साथ ¨खचकर बाहर निकालते थे। जहां पर मशीन बालू-पानी फेंकती थी वहां से पानी धीरे-धीरे नदी में वापस चला जाता था। बालू वहां पर एकत्रित करते थे। उसे पोकलैन मशीन से ट्रक, ट्रीपर या हाइवा में लादा जाता था। यह तरीका पकड़े गये दो आरोपितों ने पुलिस व ग्रामीणों को बताया। पहले भी हुई थी शिकायत

सोन नदी के तट पर हर्रा के पास बालू का अवैध खनन करने की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई थी। सूत्रों की मानें तो इसकी शिकायत खनन प्रभारी सदर एडीएम, स्थानीय पुलिस, खनन विभाग से भी की गई थी, लेकिन इस पर किसी ने अब तक ध्यान नहीं दिया। बीच में एक बार ग्रामीणों ने जब यहां से गुजरने वाले वाहनों को ही रोक दिया था तो मौके पर पहुंची टीम ने समझाकर मामला शांत कराया था। जिस तरह से खनन किया जा रहा था उससे तो कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां के ग्रामीणों की मानें तो स्थानीय पुलिस की चुप्पी भी कई सवाल खड़ा करती है। एफआइआर के बावजूद हो रहा था अवैध खनन

अवैध खनन करने की शिकायत पर कुछ माह पहले न्यायालय के आदेश पर खदान मालिक व खनन अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला अभी भी न्यायालय में चल रहा है। बावजूद इसके यहां अवैध खनन किये जाने की शिकायत लगातार मिल रही थी। इसे गंभीरता से लेकर जब एसपी ने जांच की तो अवैध खनन का खुलासा हो गया।

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