अर्नब चक्रवात से मौसम बदला तो 2,578 मेगावाट घट गई बिजली की मांग, मिली राहत
चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण उत्तर प्रदेश में मौसम बदलने से बिजली की मांग में भारी गिरावट आई है। 24 ...और पढ़ें

चक्रवात अर्नब से बदला मौसम, उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग में 2578 मेगावाट की भारी गिरावट।
HighLights
चक्रवाती तूफान अर्नब से उत्तर प्रदेश का मौसम बदला।
बिजली की अधिकतम मांग 2578 मेगावाट तक घटी।
उत्पादन और खपत संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती।
जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदलते ही प्रदेश में बिजली की मांग और खपत का गणित भी तेजी से बदल गया है। तेज हवाओं और बारिश से तापमान में गिरावट आई तो 24 घंटे के भीतर बिजली की अधिकतम मांग 2578 मेगावाट तक घट गई।
दैनिक खपत में भी 28.2 मिलियन यूनिट की कमी दर्ज की गई। अब प्रदेश में बिजली की दैनिक खपत घटकर 343.8 मिलियन यूनिट रह गई है। मौसम के इस बदलाव ने बिजली प्रबंधन के सामने उत्पादन और खपत के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती खड़ी कर दी है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के कारण गर्मी से राहत मिली है। तापमान में गिरावट के साथ घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर का इस्तेमाल कम हुआ है। इसका सीधा असर बिजली की मांग पर पड़ा है। बिजली की मांग में अचानक आई गिरावट के बाद उत्पादन और खपत के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए उत्पादन इकाइयों को नियंत्रित करना पड़ा।
मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने और अतिरिक्त बिजली उत्पादन से बचने के लिए कई इकाइयों को बंद कराया गया। बिजलीघरों में उत्पादन को जरूरत के मुताबिक समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि ग्रिड पर अतिरिक्त बिजली का दबाव न बढ़े और आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रहे। ऐसे में बिजलीघरों को उत्पादन और आपूर्ति के बीच लगातार तालमेल बनाकर रखना होगा।