जागरण संवाददाता, अनपरा (सोनभद्र) : दो जून को आयी आंधी व पानी से हुई भीषण तबाही से ऊर्जांचल अभी भी उबर नहीं पाया है। कुछ क्षेत्रों को छोड़ दें तो अधिकतर जगहों की बिजली व्यवस्था अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। इसको लेकर परियोजना प्रबंधन की ओर से 21 टीमें बनाई गई हैं, जो बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुट गई हैं।

अभी तक तापीय परियोजना के आवासीय परिसर के कुछ कालोनियों में ही बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी है। शेष जगहों पर अभी तक बिजली नहीं आ सकी है। हालांकि बिजली आपूर्ति ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। मंगलवार को आपूर्ति बहाल करने की कोशिश में जुटी टीमों का नेतृत्व खुद प्रबंध निदेशक चंडी प्रसाद मिश्रा कर रहे थे। कालोनी में अभी तक बिजली व्यवस्था ठीक न होने से परेशानी बढ़ गई है। अगल-बगल के इलाकों में हालांकि बिजली व्यवस्था कुछ हद तक बहाल हो गई है लेकिन सुचारु रूप से बिजली अभी भी नहीं मिल पा रही है। अनपरा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक अखिलेश ¨सह ने बताया कि आंधी के कारण जगह-जगह पेड़ों के गिर जाने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंताओं के साथ 300 से ज्यादा कर्मचारी आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं। सीआइएसएफ के जवान भी इस कार्य में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। कालोनी के सात फीडरों में से दो फीडरों को शुरू कर लिया गया है। चिकित्सालय की आपूर्ति भी बहाल कर ली गई है। संचार व्यवस्था भी चरमराई

दो जून की आंधी-पानी ने न केवल बिजली व्यवस्था को ही ध्वस्त किया है बल्कि संचार व्यवस्था को भी धराशायी कर दिया गया है। आलम यह है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी कई मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। बीएसएनएल की हालत सबसे ज्यादा खराब है। मोबाइल सेवा को तो किसी तरह दिन में 10 से 12 घंटे चलाया जा रहा है, लेकिन लैंडलाइन और इंटरनेट सेवा अभी तक ठीक नहीं हो सकी है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस