सीतापुर : घाघरा और शारदा की लहरों ने ग्रामीणों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। गांव फौजदारपुर व कोनीपुरवा को बचाने के लिए कराया गया बचाव कार्य नदी में बह गया। स्टड व परक्यूपाइन नदी की धार में कट गए। बचाव कार्य नदी में बह जाने से फौजदारपुरवा के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। हालांकि विभागीय अधिकारी स्टड डूबने की बात कह रहे हैं। वहीं किसानों की 140 बीघा मेंथा फसल भी नदी की धार में समा गई। किसान सोबरन, दिनेश, सुशील, संतोष, सुरेश, किशोरी, लक्ष्मी नारायण, राममिलन, सदानंद, रामप्रताप, रामप्रकाश व बनवारी के खेतों का कटान हुआ। नदियों का बढ़ता जलस्तर देख ग्रामीणों ने पलायन की तैयार शुरू कर दी है। घरों को उजाड़कर जरूरी सामान ट्राली में भरकर सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे हैं।

ग्रामीण कर रहे हैं पलायन

फौजदारपुरवा निवासी सगरा देवी, छोटकी, सिपाहीलाल, रामलाल, रामानंद, लालाराम, सोबरन, देशराज, हीरालाल, छोटू, अखिलेश व परभू आदि ग्रामीण पलायन की तैयारी कर रहे हैं। बुधवार को ग्रामीण घर का जरूरी सामान ट्रैक्टर-ट्राली पर लाद रहे थे। ग्रामीणों ने कहा कि, नदियों का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी की जा रही है।

पैर पसार रहा गलाघोंटू, तीन पशुओं की मौत

दुर्गापुरवा गांव में पशुपालकों के पशु गलाघोंटू बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। गलाघोंटू से रामदीन, पेशकार व लल्लन के एक-एक पशु की मौत हो गई। दस से अधिक पशु बीमार हैं। गांव में पशु टीकाकरण नहीं कराया गया है।

बालू भरी बोरियों से नदी की धार मोड़ने का प्रयास

नदियों का बढ़ता जलस्तर व बचाव कार्य बह जाने के बाद बालू भरी बोरियों को नदी में डालकर धारा को परिवर्तित करने का प्रयास नजर आया। गांव फौजदारपुरवा के समीप कई ग्रामीण व मजदूर बोरियों को नदी के किनारे रख रहे थे।

वर्जन

नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ व कटान से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। लेखपालों को क्षेत्र में भेजा गया है। सुरक्षित स्थानों का चिह्नीकरण भी हो गया है।

- अनुपम मिश्रा, एसडीएम बिसवां

स्टड कटा नहीं है, पानी में डूब गया है। बचाव कार्य और तेज किया जाएगा। गुरुवार से बंबू क्रेटिग कराई जाएगी। गांव को सुरक्षित रखा जाएगा।

- विशाल पोरवाल, एक्सईएन सिचाई

Edited By: Jagran