सीतापुर में अवैध अस्पताल में मासूम को दिया 5 इंजेक्शन, 2 महीने के मासूम की मौत पर मचा हंगामा
सीतापुर के बिसवां में एक बिना पंजीकरण वाले अस्पताल में दो माह के बच्चे की पांच इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने हंगामा किया।

जांच के बाद अस्पताल संचालक पर लापरवाही और बिना लाइसेंस अस्पताल चलाने का मुकदमा दर्ज
HighLights
बिसवां में बिना पंजीकरण अस्पताल में बच्चे की मौत।
दो माह के बालक को लगाए गए पांच इंजेक्शन।
लापरवाही पर अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा।
संवाद सूत्र, बिसवां (सीतापुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महज 800 मी. दूर बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित हो रहा था। इसमें दो माह के बालक की इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई है। परिवाजन ने दो मिनट में पांच इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगाकर हंगामा किया। इस अस्पताल में दो जुलाई को एक मरीज की मौत हो चुकी थी। इस पर अस्पताल संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ संचालन बंद करा दिया गया था।
घटना के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम, सीएचसी अधीक्षक ने जांच कर रिपोर्ट भेजी है। पीड़ित ने अस्पताल संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। बिसवां के अमरनगर निवासी रामलखन अपने के दो माह के बेटे नितिन को गुरुवार को सांस लेने की समस्या पर हमजा मुबश्शिर हुसैन अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के बाद शाम के समय छुट्टी दे दी गई। रामलखन ने बताया कि शुक्रवार सुबह एकाएक नितिन की हालत बिगड़ गई। इस पर उसे पुन: अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रामलखन ने बताया कि अस्पताल में स्टॉफ ने दो मिनट में पांच इंजेक्शन लगा दिए, जिससे नितिन की मौत हो गई। बालक की मौत से नाराज परिवारजन ने उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि उक्त अस्पताल का चार अप्रैल का पंजीकरण भी समाप्त हो गया था। इसके बाद भी अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। उधर, जिलाधिकारी डा़ राजा गणपति आर के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में प्रकरण की जांच की गई। कोतवाल राम राघव सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
बिसवां में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कपूर ने कहा कि जांच रिपोर्ट में अस्पताल संचालक की लापरवाही मिली है, जिसके खिलाफ मुकदमा लिखवाया जा रहा है। बिना पंजीकरण अस्पताल का संचालन करने पर भी जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।