सीतापुर : बुखार, जुकाम, सांस में तकलीफ से बच्चों की मौतों का सिलसिला जारी है। सोमवार रात चिल्ड्रेन वार्ड में उपचार करा रहे दो बच्चों की मौत हो गई। बच्चों को झटके आ रहे थे। मछरेहटा के एक गांव निवासी दीपक को झटके आ रहे थे। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं मिश्रिख इलाके में रहने वाले अविनाश की पुत्र राकेश की मौत भी झटके आने की वजह से हुई है। वार्ड में भर्ती कई बच्चे बुखार पीड़ित हैं। कुछ को सांस लेने में तकलीफ की वजह से भर्ती कराया गया है। डेंगू वार्ड में भी मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। हालांकि, वार्ड में भर्ती मरीज डेंगू के नहीं है। महिला वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है।

ढाई माह की अंशू को सांस लेने में दिक्कत

जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में मंगलवार को चार बच्चों का उपचार किया गया। गंभीर हालत में भर्ती कराई गई ढाई माह की अंशू को सांस लेने में तकलीफ है। मां, के मुताबिक अंशू के सीने में जकड़न जैसी लग रही थी। मशीन से भाप दी गई। वार्ड में तीन अन्य बच्चों की स्थिति भी गंभीर बताई गई।

अब तक भर्ती हुए बुखार पीड़ित 206 बच्चे

सितंबर से अब तक चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार पीड़ित 206 बच्चों को भर्ती कराया गया है। इसमें दो बच्चे पारुल व रचित मंगलवार को भर्ती किए गए। वहीं मलेरिया पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है। भर्ती होने वाले बच्चों की प्रतिदिन जांच भी की जा रही है। मंगलवार को चिल्ड्रेन वार्ड में 23 बच्चे भर्ती थे।

दवा व पर्चा काउंटर पर भीड़

मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ जुटी। दवा काउंटर व पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी। अस्थि रोग चिकित्सक के कमरे के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही।

वर्जन

जिन बच्चों की मौत हुई वह गंभीर हालत में भर्ती कराए गए थे। छोटे बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। चिल्ड्रेन वार्ड में बच्चों का उपचार किया जा रहा है।

- डा. एके अग्रवाल, सीएमएस

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