सीतापुर में बाघ और तेंदुए की दोहरी दहशत, डर के साए में 30 गांवों के 25 हजार लोगों की आबादी, खेतों में जाने से डर रहे किसान
सीतापुर के रामगढ़ में मधवापुर जंगल से सटे 30 गांवों के 25 हजार से अधिक लोग बाघ और तेंदुए के ...और पढ़ें
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HighLights
मधवापुर जंगल के पास 30 गांवों में बाघ-तेंदुए का डर।
किसान खेतों में जाने से डर रहे, बच्चों की सुरक्षा चिंता।
वन विभाग बाघ को पकड़ने और तेंदुए के लिए पिंजरा लगाया।
धरमेन्द्र भारती, रामगढ़ (सीतापुर)। “अरे सुरेश, देखव अमनवा नहीं देखाति...। बताइ देहन है कि लरिकन पर खास निगाह राखव, बाघ और तेंदुआ दोनों घूमि रहे हैं...”। गोविंदपुर की जगरानी का यह डर अकेले उनका नहीं है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अन्य अभिभावक भी चिंतित हैं तो किसान खेतों की तरफ जाने से बच रहे हैं। मधवापुर जंगल से सटे करीब 30 गांवों और मजरों की 25 हजार से अधिक आबादी बाघ और तेंदुए की मौजूदगी से डर के साए में है। 10 किलोमीटर के दायरे में दोनों जंगली जानवरों की सक्रियता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
आसपास के गांवों में रहने वाले परिवार भी बच्चों को घर से बाहर भेजने में डर रहे हैं। बाघ 15 जुलाई से विचरण कर रहा है। इस दिन बाघ ने रसुलवा गांव में एक व्यक्ति को मार डाला था। अब रविवार को गोविंदपुर गांव में तेंदुए की आमद ने परेशानी और बढ़ा दी है। बाघ की मौजूदगी को लेकर लोग पहले से डरे हुए थे। सबसे ज्यादा असर किसानों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।
खेतों में फसल तैयार खड़ी है, लेकिन जंगली जानवरों के डर से किसान खेतों तक जाने का जोखिम नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि खेतों में काम करने या रास्तों से गुजरने के दौरान बाघ अथवा तेंदुए से सामना हो सकता है। सिसेंडी के राजकुमार ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ रहा है। अभिभावक सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
आंख खुलते ही होनी लगती चर्चा
गधेरिया के सरोज ने बताया कि जंगल के आसपास बसे गांवों में सुबह से शाम तक जंगली जानवरों की चर्चा बनी रहती है। अब तो ग्रामीण बच्चों को अकेले बाहर न निकलने देने और एक-दूसरे को सतर्क रहने की स्वयं सलाह देने लगे हैं। इससे ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
बाघ को ट्रैंकुलाइज करके पकड़ने की तैयारी है। तेंदुए को पकड़ने के लिए रामपुर खेंवटा के जंगल में पिंजरा लगाया है। शनिवार तेंदुआ विचरण करके गोविंदपुर गांव के पास पहुंच गया था।- सिकंदर सिंह, वन क्षेत्राधिकारी मिश्रिख
