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सीतापुर में ममता की छांव में हो रहा हरियाली का 'उजाला', शिक्षिका बच्चों को पढ़ा रहीं जल व पर्यावरण संरक्षण का पाठ

Published: Sun, 18 Oct 2026 02:35 PM (IST)

शिक्षिका ममता सीतापुर के महमूदाबाद में बच्चों और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव और वृक्षारोपण का पाठ पढ़ा रही ...और पढ़ें

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HighLights

  1. शिक्षिका ममता ने बच्चों व ग्रामीणों को पर्यावरण मित्र बनाया।

  2. हजारों पौधे लगाए गए, जल व कचरा प्रबंधन सिखाया।

  3. छात्रों को राज्य, शिक्षिका को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

बद्री विशाल अवस्थी, सीतापुर। महमूदाबाद के कंपोजिट विद्यालय गोधौरी की शिक्षिका ममता की बच्चों से लेकर अभिभावक और गांव में लोगों के बीच पहचान पर्यावरण मित्र के रूप में भी है। उन्होंने विद्यालय से लेकर गांव के आसपास भी हरियाली को बढ़ाने में विशेष योगदान किया है। विद्यालय परिसर व गांव का हरा भरा भौतिक परिवेश इसका उदाहरण है।

वह बच्चों को कई वर्षों से शिक्षा के साथ जल व पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में अभ्यस्त बना रही हैं। पर्यावरण संबंधी प्रतियोगिता में यहां के पांच बच्चे राज्य स्तर पर पुरस्कृत हो चुके हैं। कचरा प्रबंधन के साथ पौधे रोपने व संरक्षण के लिए वह अभिभावकों को प्रेरित करती हैं।

लोगों ने उनकी प्रेरणा से घर के बाहर से लेकर खेतों में सात हजार पौधे रोपे, इनमें पांच हजार पौधे जीवित हैं और छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। प्लास्टिक कचरा फेंकने की जगह कूड़ा घर भेजते हैं। हर वर्ष वन विभाग से पौधे लोगों को नि:शुल्क उपलब्ध कराती हैं। वन विभाग भी उनकी सराहना करता है।

पर्यावरण गतिविधियों में सक्रिय रहते बच्चे
विद्यालय के पांच बच्चे शुभी, शिवानी, रोमियो, संजय व पुष्कर सेंटर आफ एनवायरमेंट एजुकेशन द्वारा आयोजित अर्थियन पर्यावरण मित्र प्रोग्राम में राज्य स्तर पर चयनित हो चुके हैं। बच्चों ने विभिन्न पर्यावरण गतिविधियों में भाग लिया। अर्थियन पर्यावरण मित्र प्रोग्राम पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बायोडायवर्सिटी एंड सस्टैनबिलिटी, वेस्ट मैनेजमेंट और वाटर मैनेजमेंट पर कार्य करता है।

बच्चों ने बायोडायवर्सिटी एंड सस्टैनबिलिटी थीम पर वर्ष भर गतिविधियां की और एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। अर्थियन नाम से एक टीम भी बनी है। बच्चे पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विद्यालय स्तर पर विभिन्न गतिविधियाें में सक्रिय रहते हैं। ग्रामीणों को भी जागरूक करते हैं। बच्चों में कचरा प्रबंधन, बिजली व जल संरक्षण आदि गुणों को विकसित करने के लिए तमाम प्रयास किए हैं। ममता ने कार्यक्रम को पांच वर्ष पहले विद्यालय में शुरू किया था। तबसे धीरे-धीरे बच्चे पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय हैं।

मिला राष्ट्रीय पर्यावरण मित्र शिक्षक पुरस्कार
पर्यावरण शिक्षा केंद्र अहमदाबाद गुजरात ने विद्यालय में पर्यावरण के विकास के लिए ममता को राष्ट्रीय पर्यावरण मित्र शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया था। पंचमढ़ी मध्य प्रदेश में पुरस्कृत किया गया था।

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