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सीतापुर में 27000 पेड़ काटकर साफ कर दिया तालाब, प्रशासन ने शुरू की जांच

Published: Fri, 21 Aug 2026 01:32 PM (GMT+05:30)

सीतापुर के सिधौली में 23 हेक्टेयर तालाब के पास लगे 27 हजार पेड़ों के अवैध कटान की जांच शुरू हो ...और पढ़ें

सरवा जलालपुर के तालाब की जमीन, दूर तक नजर नहीं आते पेड़

सरवा जलालपुर के तालाब की जमीन, दूर तक नजर नहीं आते पेड़

HighLights

  1. सिधौली में 27 हजार पेड़ों के अवैध कटान की जांच शुरू।

  2. एसडीएम ने वन विभाग, मत्स्य समिति से रिपोर्ट मांगी।

  3. जुर्माना, पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई संभव, स्थलीय जांच होगी।

संवाद सूत्र, सीतापुर। सिधौली के सरवा जलालपुर में 23 हेक्टेयर तालाब के आसपास लगे वन विभाग के 27 हजार पेड़ों का अवैध तरीके से कटान मामले की तहसील प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एसडीएम सिधौली ने मत्स्य सहकारी समिति व वन विभाग से प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है।

जुर्माना व पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई भी हो सकती है। अधिकारी स्थलीय जांच भी करेंगे। वन विभाग के अधिकारी मार्च में पेड़ों के कटान पर दो लोगों पर मुकदमा लिखे जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन पर कार्रवाई की गई है वह समिति के संचालकों में शामिल नहीं हैं।

तीन साल पहले तालाब के आसपास की जमीन पर वन विभाग ने अर्जुन, महोगनी, अशोक, सागौन के 27 हजार पौधे रोपे थे। यह पेड़ पांच फीट के हो चुके थे। मत्स्य पालन के लिए तालाब का पट्टा मत्स्य जीवी सहकारी समिति दहावा को किया गया था। समिति ने क्षेत्रफल सही करने के नाम पर बिना अनुमति लिए सभी पेड़ काट डाले। ऐसा तब है जब वन विभाग ने पेड़ों की देखरेख के लिए कर्मी लगाए थे और इस पर 1.68 लाख की धनराशि भी खर्च की।

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वन विभाग ही नहीं तहसील प्रशासन की भी मिलीभगत

मामले में वन विभाग की भूमिका संदिग्ध है। बिना अनुमति कटान पर मार्च में आशीष व आशुतोष के नाम विभागीय केस लिखा गया था। जिन पर केस लिखा गया उनका नाम-पता अज्ञात है। जुर्माना की कार्रवाई भी नहीं हुई।

वन क्षेत्राधिकारी सिधौली रोहित निगम के अनुसार समिति ने बदले में कुछ पौधे लगवाए हैं तभी जुर्माना की कार्रवाई नहीं की गई। बताया, तत्कालीन एसडीएम राखी वर्मा से अनुमति लेकर पौधे लगवाए थे। उधर, मत्स्य पालन के लिए पट्टा करने से पूर्व लेखपाल से रिपोर्ट ली जाती है। रिपोर्ट में पेड़ लगे होने का जिक्र नहीं है।

समाचार पत्र के माध्यम से प्रकरण की जानकारी हुई है। करीब एक वर्ष पहले ऐसे ही मामले में कार्रवाई भी करवाई थी। अगर बिना अनुमति प्रतिबंधित पेड़ काटे गए हैं तो कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता भी करेंगे। -मनीष रावत, विधायक, सिधौली।

तालाब का मछली पालन के लिए पट्टा समिति के नाम है। आसपास लगे पेड़ काटे गए थे। कटान की अनुमति के विषय में पता नहीं है, यह सचिव बता सकते हैं।- महेश कश्यप, अध्यक्ष, मत्स्य जीवी सहकारी समिति दहावा।

पेड़ कटान को लेकर वन विभाग व मत्स्य जीवी सहकारी समिति से रिपोर्ट मांगी है। इसकी स्थलीय जांच करेंगे। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।- अवनीश कुमार, एसडीएम सिधौली

मत्स्य सहकारी समिति ने पेड़ काटे हैं। कर्मियों ने बताया है केस लिखा है। बदले में दूसरी जगह पौधे लगाने की बात कही गई थी। इसकी जीपीएस फोटो व रिपोर्ट तलब की है।- नवीन खंडेलवाल, डीएफओ।