विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सीतापुर में घाघरा नदी की कटान में उजड़ा 70 परिवारों का घर-बार, दीपावली पर कर रहे मुआवजे का इंतजार

Published: Mon, 02 Nov 2026 07:19 PM (IST)

सीतापुर में घाघरा नदी की बाढ़ और कटान से प्रभावित 70 से अधिक परिवारों की दीपावली इस बार फीकी रहेगी।

घर-जमीन गंवाने के बाद ये परिवार तटबंधों पर झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं।

घर-जमीन गंवाने के बाद ये परिवार तटबंधों पर झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं।

HighLights

  1. घाघरा नदी की कटान से 70 से अधिक घर बहे।

  2. पीड़ित परिवार तटबंधों पर झोपड़ियों में रहने को मजबूर।

  3. मुआवजे और स्थायी पुनर्वास की उम्मीद में परिवार।

- हरिशंकर शुक्ल, संवाद सूत्र, सीतापुर। हर किसी की ख्वाहिश होती है कि दीपावली पर उसका घर रोशनी से जगमगाए, आंगन में खुशियां बिखरें और पूरा परिवार मिलकर त्योहार मनाए। मगर जब सिर छिपाने के लिए अपना घर तक न हो और दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो जाए तो त्योहार की खुशियां भी मायूसी में बदल जाती हैं। कुछ ऐसा ही दर्द घाघरा (सरयू) नदी की बाढ़ और कटान से प्रभावित शुकुलपुरवा ग्राम पंचायत के परिवारों का है।

इस बार नदी की कटान में 70 से अधिक घर नदी में समा गए। घर और जमीन गंवाने के बाद प्रभावित परिवार शुकुलपुरवा के पास तटबंध पर झोपड़ियां डालकर रहने को मजबूर हैं। दीपावली करीब है, लेकिन इन परिवारों के सामने त्योहार मनाने से ज्यादा रोजी-रोटी और सिर छिपाने की चिंता है।

बाढ़ पीड़ितों का दर्द

बचऊपुरवा निवासी जोधे ने बताया कि घर और जमीन सब कुछ दी में समा गया। अभी तक मुआवजा भी नहीं मिला है। मजदूरी करके किसी तरह परिवार का पेट पाल रहे हैं। ऐसे में दीपावली बेकार है। नागेश्वरपुरवा के रामनरेश ने बताया कि कटान में घर और 10 बीघा जमीन भी बह गई। आर्थिक तंगी के चलते दीपावली की कोई तैयारी नहीं कर सके हैं। सुनीता देवी व शर्मी देवी ने बताया कि पति बाहर मजदूरी करते हैं। घर उजड़ने के बाद अब त्योहार मनाने का मन ही नहीं करता।

आशियाने के साथ त्योहार की खुशियां भी उजड़ीं

कभी जिन घरों में दीपावली पर दीपों की कतारें सजती थीं और बच्चे धमाल करते थे। वहां अब तटबंध पर बनी झोपड़ियों में बेबसी का अंधेरा पसरा है। इन परिवारों के लिए दीपावली महज कैलेंडर की एक तारीख बनकर रह गई है। बेघर परिवारों को उम्मीद है कि उनके दर्द को समझते हुए प्रशासन मुआवजे और स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करेगा।

महमूदाबाद के एसडीएम  सुधीर कुमार ने कहा कि कटान पीड़ितों को बसाने के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है, जल्द ही इन लोगों को बसाने का काम किया जाएगा। पीड़ितों को राशन किट का वितरण किया जा चुका है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।