सीतापुर में सरयू नदी का बढ़ा जलस्तर, तीन गांव जलमग्न; 10 के रास्ते हुए बंद
सीतापुर में बैराजों से करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा और घाघरा (सरयू) नदियों का जलस्तर ...और पढ़ें

नदी का बढ़ा जलस्तर।
HighLights
बैराजों से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
तीन गांव जलमग्न, 10 गांवों के रास्ते बंद।
सरयू नदी खतरे के निशान से आधा मीटर नीचे।
जागरण संवाददाता, सीतापुर। बैराजों से शनिवार को करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शारदा व घाघरा (सरयू) का जलस्तर बढ़ रहा है। जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन रामपुर मथुरा के तीन गांव पूरी तरह से पानी से घिर गए हैं। 10 गांवों के रास्तों पर जलधारा बह रही है। इन गांवों के लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अंगरौरा में लगे मीटर गेज पर नदी खतरे के निशान 119 मीटर से महज आधा मीटर नीचे थी। बचऊपुरवा, नागेश्वरपुरवा और लोधनपुरवा गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। बाबाकुटी, प्यारेपुरवा, अंगरौरा, बक्शीपुरवा और फतेहपुरवा समेत करीब दस गांवों के रास्तों पर पानी बह रहा है। करीब 20 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
कल्लू, संतोष, सुंदर, सर्वेश, रामनारायण आदि ने बताया अब बाढ़ आश्रय स्थल जाने की नौबत बन गई है। उपजिलाधिकारी महमूदाबाद अभिषेक प्रियदर्शी और तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी ने शुकुलपुरवा, बचऊ पुरवा और नागेश्वर पुरवा का निरीक्षण किया। उधर, रेउसा के 32 गांव में बाढ़ का खतरा मडराने लगा है। खेतों में पानी भरने लगा है। उप जिलाधिकारी बिसवां राहुल सिंह व तहसीलदार अनिल कुमार राम ने गांवों का निरीक्षण किया है।
