हादसे के बाद क्लेम देने से मुकरी बीमा कंपनी तो शख्स ने लड़ी लंबी कानूनी लड़ाई, अब ब्याज के साथ मिलेगी स्कूटी की कीमत
सीतापुर उपभोक्ता फोरम ने वाहन दुर्घटना के बाद बीमा क्लेम देने से इनकार करने वाली बीमा कंपनी को दोषी ठहराया है।

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HighLights
बीमा कंपनी को स्कूटी क्लेम ब्याज सहित चुकाने का आदेश।
उपभोक्ता फोरम ने सेवा में कमी का दोषी पाया।
मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के लिए भी भुगतान होगा।
संवाद सूत्र, सीतापुर। वाहन दुर्घटना के बाद बीमा क्लेम देने से इनकार करना बीमा कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (उपभोक्ता फोरम) ने मामले में बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है।
फोरम ने स्कूटी की कीमत 70,828 रुपये पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा के लिए 10 हजार और वाद व्यय के पांच हजार रुपये भी देने होंगे। बीमा कंपनी को भुगतान दो माह के भीतर करना होगा।
मिश्रिख क्षेत्र के जैनापुर निवासी बृजेंद्र अवस्थी ने 10 अप्रैल 2024 को मां शीतला देवी हीरो सेल्स से स्कूटी खरीदी थी। स्कूटी का बीमा भी कराया गया था। इसके बाद स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। बृजेंद्र ने बीमा कंपनी से क्लेम का भुगतान मांगा, लेकिन मैग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने इनकार कर दिया।
बीमा कंपनी की ओर से क्लेम का भुगतान न किए जाने पर बृजेंद्र अवस्थी ने अधिवक्ता विजय कुमार गुप्त के माध्यम से चार जून 2024 को फोरम में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य भी आयोग के समक्ष रखे गए। फोरम के अध्यक्ष अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव, सदस्य विभा तिवारी और देवकांत त्रिपाठी ने उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय सुना दिया।
कागजातों से रहें मजबूत, नहीं होगा हितों का नुकसान
पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष मिश्र ने बताया कि उपभोक्ता फोरम के मामलों में कागजातों का पक्का होना बहुत ही जरूरी होता। इस प्रकरण में वादी के न्याय दिलाने चालक का लाइसेंस, एआरटीओ का पंजीयन का शुल्क और बीमा की सबसे अहम भूमिका रही। बताया, इसी तरह को कोई सामान खरीदते समय उसका पक्का बिल अवश्य लें। अगर आनलाइन खरीदारी कर रहे हैं तो उसका बुकिंग मैसेज, पेमेंट और डिलीवरी डिटेल को सुरक्षित रखें।
