सीतापुर में लंबे इंतजार के बाद शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा को मिलेगा सम्मानजनक स्थान, 16 सितंबर को भव्य यात्रा की तैयारी
सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली में 15 साल से रखी शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा को अब सम्मानजनक स्थान मिलेगा। न्यायालय ...और पढ़ें

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HighLights
शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा 15 साल मिश्रिख कोतवाली में थी।
न्यायालय के आदेश पर प्रतिमा को सम्मानजनक स्थान मिलेगा।
16 सितंबर को नैमिषारण्य में भव्य यात्रा के साथ स्थापित होगी।
संवाद सूत्र, मिश्रिख (सीतापुर)। देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम सरदार ऊधम सिंह की प्रतिमा करीब 15 वर्षों तक कोतवाली मिश्रिख में रखी थी। अब न्यायालय के आदेश के बाद प्रतिमा पक्षकार को सौंप दी गई है। 16 सितंबर को प्रतिमा को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ नैमिषारण्य के गुरुद्वारा साहिब ले जाने की तैयारी है।
भारतीय सिख संगठन के जिलाध्यक्ष गुरपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 से प्रतिमा कोतवाली परिसर में रखी थी। लंबे समय तक सम्मानजनक स्थान नहीं मिलने से समाज के लोगों में असंतोष था। न्यायालय के आदेश के बाद प्रतिमा रिलीज होने से अब उसे उचित स्थान मिलने की उम्मीद जगी है।
उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को सुबह 9:30 बजे मिश्रिख तहसील चौराहे से प्रतिमा को सम्मानपूर्वक नैमिषारण्य ले जाया जाएगा। इसके लिए सामाजिक, धार्मिक, किसान और युवा संगठनों के साथ राष्ट्रप्रेमी नागरिकों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की गई है।
गुरपाल सिंह ने कहा कि यह केवल प्रतिमा को स्थानांतरित करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि महान क्रांतिकारी के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शहीद किसी जाति या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे देश की धरोहर होते हैं।
सरदार ऊधम सिंह ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। कार्यक्रम को लेकर सामाजिक और धार्मिक संगठनों में उत्साह है।
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