खाड़ी देशों में छाई सीतापुर की दरी, जापानी डिजाइनर भी हुए मुरीद; मिले 90 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर
सीतापुर में आयोजित क्रेता-विक्रेता सम्मेलन से पारंपरिक बुनकरी को वैश्विक पहचान मिली। 90 करोड़ से अधिक के ऑर्डर मिले, जिसमें ...और पढ़ें

सीतापुर शिक्षण संस्थान पर बनाई जा रही दरी को देखते जनप्रतिनिधि व लोग और सीतापुर शिक्षण संस्थान में दरी के साथ फोटो करातीं जापान की किमको
HighLights
90 करोड़ से अधिक के व्यापारिक सौदे हुए।
सऊदी अरब से मिला 18 करोड़ का पहला ऑर्डर।
जापानी डिजाइनर ने दरी की बारीकियां समझीं।
जागरण संवाददाता, सीतापुर। पारंपरिक बुनकरी का सीतापुर शिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन से वैश्विक बाजार में दायरा बढ़ा। कारीगरों के हुनर और दरी उत्पादों की गुणवत्ता ने विदेशी खरीदारों को आकर्षित किया।
सम्मेलन में 23 व्यावसायिक सौदे हुए जिनसे 90 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले हैं। खास बात यह है कि पहली बार सऊदी अरब से 18 करोड़ रुपये का आर्डर मिला है। इससे दरी के खाड़ी देशों के बाजार में विस्तार की नई राह खुली है।
सम्मेलन में देश-विदेश के खरीदारों ने दरी उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और उपयोगिता को परखा।

जापान, फिनलैंड, जर्मनी, इजरायल, दक्षिण अफ्रीका, पनामा, सऊदी अरब, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों के खरीदार शामिल हुए। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के व्यापारियों ने भी सम्मेलन में भागीदारी की। दरी को देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाने के अवसर मिले।
सैंपल ले गए खरीदार, आगे भी मिलेंगे ऑर्डर
सम्मेलन में कई खरीदारों ने दरी के नमूने भी लिए हैं। इनकी गुणवत्ता और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादों का आकलन करने के बाद आगे आर्डर मिलने की उम्मीद है। इससे सम्मेलन में फाइनल हुए सौदों के अतिरिक्त कारोबार बढ़ने की संभावना है। सऊदी अरब से मिले बड़े आर्डर को स्थानीय बुनकरों और कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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जापान की किमिको ने समझी डिजाइन की बारीकियां
सम्मेलन में जापान की डिजाइनर किमिको भी हिस्सा लेने आई थीं। उन्होंने सात लाख की कीमत वाली दरी की डिजाइन को समझा। इसे खैराबाद के हुसैनपुर की महिलाओं ने बनाया है। वह डिजाइन का विश्लेषण करने के लिए दरी की फोटो भी साथ ले गई हैं।
क्रेता-विक्रेता सम्मेलन से दरी की वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ाने में काफी हद तक सफलता मिली है। आने वाले दिनों में और भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।- डॉ. राजा गणपति आर. जिलाधिकारी
