सीतापुर : शहर की सुरक्षा को कोतवाली पुलिस ने नायाब तरीका निकाला है। रात में पुलिस एक अभियान के तौर पर शहर को सुरक्षा से कवर करती है। रात बारह बजे के बाद से गश्त करने वाली पुलिस हर दो घंटे पर निर्धारित एक स्थान पर आकर एकत्र होती है। कब- कहां और कितने बजे एकत्र होना है, ये समय का निर्धारण कोतवाली प्रभारी करते हैं। गश्त मिलान का समय और स्थल हर रोज बदलता है। इसमें क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी), अंकुश, पीआरवी की टीमों के साथ ही सभी पुलिस चौकी के प्रभारी शामिल होते हैं। गश्त के वक्त पूरी रात खुद कोतवाली प्रभारी का वाहन शहर की निगरानी करता है। इस तरह करीब ढाई दर्जन से अधिक कांस्टेबल और पुलिस चौकी प्रभारी रात में शहरी क्षेत्र में गश्त करते हैं। गश्त मिलान का दूसरा पहलू शहर कोतवाल तेज प्रकाश सिंह ये भी बताते हैं कि अपने-अपने क्षेत्र से पुलिस निर्धारित स्थल पर आती है। इससे रास्ते में जो भी अपराधिक गतिविधियों की संभावना रहती है। वह भी समाप्त हो जाती है। सुरक्षा के संबंध में ये नई व्यवस्था अभी कुछ दिनों पहले से ही शहर में प्रारंभ हुई है। शहर कोतवाल तेज प्रकाश सिंह का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते रोजगार कम हो गए हैं। इसलिए अपराधिक गतिविधियां बढ़ने न पाएं, इसके लिए पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। मुहल्ला-गांव वार एक-एक चिह्नित अपराधी पर पुलिस की नजर है। उनका लगातार सत्यापन भी किया जा रहा है। सुरक्षा के साये में रहते ये स्थल

लालबाग, घंटाघर, रोडवेज, बहुगुणा, नैपालापुर चौराहों के साथ ही हाईवे पर वैदेही वाटिका, कैप्टन मनोज पांडेय चौक, कोट, मुंशीगंज, सिटी स्टेशन आदि स्थलों पर पुलिस की पैनी नजर रहती है। इसमें वैदेही वाटिका, बहुगुणा चौराहा, आरएमपी मोड़, नैपालापुर व श्यामनाथ मंदिर शहर के इंट्री प्वाइंट हैं। लालबाग व आंख अस्पताल मार्ग शहर के प्रमुख व्यावसायिक स्थल है। इसलिए पुलिस की मुस्तैदी यहां अधिक नजर आती है।

Posted By: Jagran

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