सीतापुर: प्रधानमंत्री आवास योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार से पीड़ित लहरपुर के गयाराम, सकरन के हरद्वारी, कसमंडा की सुधा व समून खान, परसेंडी के बालकराम, पिसावां की रामजती बेहद गरीब हैं। इसके बाद भी सिस्टम की मनमानी से परेशान होकर हाईकोर्ट जाने को मजबूर हुए। जबकि अखिल भारतीय मताधिकारी संघ के पीएन कलकी ने इन लोगों के लिए प्रयास भी किया था। पीएन कलकी ने बताया कि संघ ने प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री, ग्रामसभा सचिव से मुख्य सचिव तक अनियमितता का मामला उजागर किया। डीएम ने कमेटी बनाकर सीडीओ को मामले की जांच सौंपी थी। जांच में इन लोगों को पात्र पाते हुए नियत अवधि के अंदर योजना का लाभ दिए जाने का लिखित आदेश दिया था, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। जिसके बाद लखनऊ हाईकोर्ट में गयाराम एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार आदि रिट दायर की। सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति डॉ. देवेंद्र कुमार अरोरा, न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को एक सप्ताह के अंदर मामले की जानकारी का समय देते हुए अगली सुनवाई 22 जनवरी को रखी है। याचियों के अधिवक्ता विजय कुमार पांडेय हैं।

Posted By: Jagran

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