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सात समंदर पार बैठे NRI के पूर्वजों का पंडित जी वीडियो कॉल से करा रहे तर्पण, हुई 100 से ज्यादा ऑनलाइन बुकिंग

Published: Mon, 28 Sep 2026 09:38 AM (IST)

पितृपक्ष में विदेश में रह रहे प्रवासी भारतीय वीडियो कॉल के जरिए अपने पूर्वजों का तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध करा रहे हैं।

अमरीका के श्रद्धालु से ऑनलाइन माध्यम से तर्पण कराते सचिन मोहन दीक्षित

अमरीका के श्रद्धालु से ऑनलाइन माध्यम से तर्पण कराते सचिन मोहन दीक्षित

HighLights

  1. प्रवासी भारतीय वीडियो कॉल से कर रहे पितरों का तर्पण।

  2. नैमिषारण्य के पंडितों ने शुरू की ऑनलाइन तर्पण व्यवस्था।

  3. अब तक 100 से अधिक ऑनलाइन बुकिंग, विदेश से भी।

संवाद सूत्र, सीतापुर। पितृपक्ष में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं अपने पितरों का तर्पण करने के लिए तीर्थनगरी आते हैं। पितरों के तर्पण के लिए श्रद्धालु नए तरीके भी अपना रहे हैं।

विदेश में रह रहे प्रवासी भारतीय जो समय या वीजा संबंधी अड़चन के चलते यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं, वह वीडियो कॉल के जरिए अपने पूर्वजों का तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध करा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय कर्मकांडी ब्राह्मणों ने ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है।

इंटरनेट मीडिया की विभिन्न साइट के माध्यम से भी बुकिंग हो रही है। गूगल मीट और व्हाट्सएप के जरिए यजमानों को अनुष्ठान से जोड़ा जा रहा है। पुरोहितों ने बताया कि अब तक ऑनलाइन त्रिपिंडी के लिए 100 से अधिक बुकिंग हो चुकी हैं। इनमें 20 प्रतिशत विदेशों में रह रहे भारतीय हैं। श्रद्धालुओं ने अलग-अलग तिथियों के लिए संपर्क किया है।

वीडियो कॉल पर होगा संकल्प

निर्धारित तिथि पर पुरोहित पूजन स्थल पर कुश, तिल, जल और अन्य सामग्री से विधि-विधान पूरा कराते हैं। यजमान वीडियो काल के जरिए इससे जुड़ते हैं। संकल्प और मंत्रोच्चार के बाद तर्पण और त्रिपिंडी की प्रक्रिया पूरी कराई जाती है।

राजघाट के प्रधान पुजारी कृष्ण कुमार दीक्षित ने बताया कि जो यजमान नैमिषारण्य नहीं आ पाते उन्हें आनलाइन माध्यम से तर्पण कराया जाता है। फ्रांस व तमिलनाडु, उड़ीसा, केरलम, मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं ने संपर्क किया है।

पं. शिवम शास्त्री ने बताया कि फ्रांस और अमेरिका में रह रहे आठ लोगों ने ऑनलाइन तर्पण और पिंडदान कराया जा चुका है। आने वाले दिनों में भी कई लोगों ने इसके लिए संपर्क किया है।

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