सात राज्यों में पहुंचेगी सीतापुर के महोली के गुड़ और राब की मिठास, दो सौ साल पुराना है इतिहास
सीतापुर के महोली का 200 साल पुराना गुड़ और राब का कारोबार फिर से चमक रहा है, जिसे सात राज्यों ...और पढ़ें
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HighLights
महोली के गुड़ को 8 करोड़ के ऑर्डर मिले।
जैविक गुड़ वन भिंडी के छाटन से तैयार होता है।
यह कारोबार 10 हजार लोगों को रोजगार देता है।
विनय मिश्र, महोली (सीतापुर)। दोमट मिट्टी में उगा गन्ना, वन भिंडी के छाटन से तैयार होने वाला जैविक गुड़ और पीढ़ियों से हस्तांतरित होता आ रहा बनाने का हुनर। यही खूबियां महोली के गुड़ और राब को देश ही नहीं, विदेश के बाजार में भी अलग पहचान दिलाती हैं। करीब दो सौ साल पुराने इस कारोबार की रौनक अब फिर बढ़ने लगी है। इस बार असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत सात राज्यों से गुड़ और राब के करीब आठ करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले हैं।
मांग को देखते हुए कारोबारी आपूर्ति की तैयारी में जुट गए हैं। क्षेत्र में 200 से अधिक गुड़ बेलों को चलाने की तैयारी हो रही है। कुछ चलने भी लगी हैं। महोली में गुड़ बनाने का काम केवल कारोबार नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है। यहां गन्ने की गुणवत्ता के साथ गुड़ तैयार करने की पारंपरिक विधि भी इसकी खासियत है। वन भिंडी के छाटन का इस्तेमाल कर गुड़ को साफ करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
इससे तैयार गुड़ अपने स्वाद और केमिकल मुक्त होने के कारण ग्राहकों के बीच पहचान बनाए हुए है। इसी के चलते गुड़ और राब दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचता है। बांग्लादेश और नेपाल से भी यहां के कारोबारियों को ऑर्डर मिलते हैं।
बेलोंं के संचालन में जुटे कारोबारी
कारोबारी अनुज गुप्त, दिनेश मिश्र, आनंद गुप्त और आशीष गुप्त ने बताया कि इस बार सात राज्यों से गुड़ और राब की मांग आई है। बाहर के बाजारों में मांग पूरी करने के लिए उत्पादन और आपूर्ति की तैयारी की जा रही है। गन्ने की उपलब्धता, मजदूरों की व्यवस्था और बेलों के संचालन को लेकर तैयारी चल रही है। समय से उत्पादन शुरू करना जरूरी है, ताकि ऑर्डर की आपूर्ति की जा सके। गुड़बेल संघ के अध्यक्ष राकेश मिश्र ने बताया कि अब तक करीब आठ करोड़ का आर्डर मिल चुका है।
10 हजार को मिलता रोजगार
गुड़ बनाने और बेचने में 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। इसमें सात हजार के करीब अकुशल श्रमिक रहते हैं। 1000 कुशल श्रमिकों को काम मिलता है। शेष लोग प्रबंधन, विपणन आदि में शामिल रहते हैं।
