सीतापुर : कोविड की दूसरी लहर में जिला अस्पताल के एल-2 वार्ड के प्रभारी रहे डिप्टी सीएमओ डा. सुनील कुमार कोरोना रोगियों का उपचार और व्यवस्थाओं की देखभाल करते-करते खुद संक्रमित हो गए थे। इनसे पहले इनकी पत्नी कोविड पाजिटिव हुईं। फिर बेटा शिखर वर्मा भी संक्रमित हो गया। ससुर भगौती प्रसाद वर्मा की भी बीमारी से मौत हो गई। तीन मई को जैसे ही रिपोर्ट निगेटिव आई कि अगले दिन चार मई को डा. सुनील जिले में आकर ड्यूटी पर आ गए। डा. सुनील कुमार के संक्रमित होने के बाद सीएमओ ने जिला अस्पताल के एल-2 कोविड अस्पताल का जिम्मा नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. पीके सिंह को सौंपा था। डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील बताते हैं कि कोविड की दूसरी लहर में जिला अस्पताल में कोरोना वार्ड में 10-11 अप्रैल से रोगियों की भर्ती शुरू हो गई थी। डा. सुनील के कोविड पाजिटिव होने की पुष्टि 16 अप्रैल को हुई थी।

कई रोगी आक्सीजन के अभाव में मरे थे..

डिप्टी सीएमओ डा. सुनील बताते हैं कि शुरुआती दौर में ऑक्सीजन सिलिडर की मारामारी थी। कई रोगी आक्सीजन के अभाव में मरे थे। आक्सीजन के अभाव में रोगियों को मरता देख रहा था, पर मैं बेबस था। मन बहुत उदास था। कुछ एक दिन में ही जिला अस्पताल एल-2 की व्यवस्थाएं दुरुस्त हो गई थीं। इसके बाद कोविड रोगियों को नई जिदगी देने में डाक्टर भी सफल हुए हैं।

डा. सुनील का परिवार

दो भाइयों में बड़े डा. सुनील बताते हैं कि उनके बुजुर्ग माता-पिता बाराबंकी में सूरतगंज ब्लाक क्षेत्र में भिखारीपुर गांव में पुश्तैनी घर में रहते हैं। पत्नी डा. नीता वर्मा बेटा शिखर व बेटी लखनऊ के बक्शी का तालाब सीएचसी में हैं।

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