सीतापुर : दुर्गापुरवा में घाघरा नदी का कटान तेज हो गया है। पीड़ित परिवारों ने घर को कटान से बचाने की लाख कोशिश की, पर कामयाब नहीं होने पर गृहस्थी समेट नई बस्ती की ओर पलायन शुरू कर दिया है। सोमवार को जगदीश के घर के उत्तर वाला हिस्सा कटकर नदी में गिर गया है। घर के दक्षिण वाले हिस्से में जगदीश परिवार समेत पक्की दीवार से ईंटा सुरक्षित कर रहे थे। जगदीश ने बताया, कटान में उनका घर कटकर नदी में बहा जा रहा है। बचाने की कोशिश की लेकिन, सफलता नहीं मिलने पर गृहस्थी सुरक्षित कर ली है। सोमवार सुबह से ही जगदीश व उनका परिवार घर की दीवार पर घन चलाकर ईंटों को सुरक्षित करने में लगा था। गांव के झब्बू, संदीप, शंकर घरों से गृहस्थी निकालकर उसे ट्रैक्टर-ट्राली से दूलामऊ-नरायनपुर की तरफ नई बस्ती में ले जा रहे थे। दोपहर तक सोबरन भी घर से गृहस्थी निकालकर ट्रैक्टर-ट्राली में लोड कर चुके थे।

कट रहे हैं खेत दुर्गापुरवा में किसान भूखन, बदलू, गंगाराम समेत कई लोगों के खेतों पर घघरा का कहर है। इन सभी के खेत कट रहे हैं। इनके खेतों में धान की फसल लगी है। वहीं, मेउड़ी छोलहा व श्रीरामपुरवा के बीच घाघरा-शारदा नदी खेतों का कटान कर रही है। किसान बेबस हैं।

शारदा नदी में पानी के डिस्चार्ज में वृद्धि

अधिशासी अभियंता सिचाई विशाल पोरवाल ने बताया, रविवार की अपेक्षा शारदा नदी में बैराज से छोड़े गए पानी में

14,995 क्यूसेक की वृद्धि हुई है। शारदा में सोमवार को बैराज से 39,395 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है, जबकि रविवार को शारदा में 24,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। घाघरा में छोड़े जा रहे पानी में कोई वृद्धि नहीं है। रविवार की तरह सोमवार को भी घाघरा में 99,447 क्यूसेक पानी बैराज से डिस्चार्ज किया गया है।

शारदा का जल स्तर बढ़ा..

नदियों के जल स्तर में वृद्धि हुई है लेकिन, पानी इतना नहीं बढ़ा है कि बाढ़ जैसी स्थिति आ जाए। मेउड़ी छोलहा की तरफ कटान होने की सूचना नहीं है।

- विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता-सिचाई

Edited By: Jagran